Image Loading
बुधवार, 22 फरवरी, 2017 | 18:51 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • गाजियाबाद: भोजपुर एनकाउंटर केस में 4 आरोपी पुलिसवालों को आजीवन कारावास की सजा
  • लीबिया में ISIS के चंगुल से डॉक्टर समेत 6 भारतीयों को छुड़ाया गया, गोली लगने से...
  • शेयर बाजारः 94 अंकों की तेजी के साथ सेंसेक्स 28,856 पर, निफ्टी ने भी लगाई 26 अंकों की...
  • आज के हिन्दुस्तान में पढ़ें टेलीविजन पत्रकार अनंत विजय का विशेष लेखः परंपरा के...
  • यूपी चुनावः सीएम अखिलेश की बहराइच में रैली आज, जानें कौन दिग्गज कहां करेंगे...
  • सुबह खाली पेट खाएं अंकुरित चना, बीमारियां नहीं आएंगी पास, पढ़ें ये 7 टिप्स
  • आज का हिन्दुस्तान अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें।
  • राशिफलः कर्क राशिवालों की नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग, आय में वृद्धि होगी,...
  • Good Morning: माल्या और टाइगर मेमन को भारत लाने की संभावना बढ़ी, अमर सिंह बोले-...

वैज्ञानिक आम लोगों तक पहुंचे: राष्ट्रपति

कोलकाता, एजेंसी First Published:03-01-2013 04:50:20 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को वैज्ञानिक समुदाय से कहा कि वे आधुनिक साधनों के माध्यम से संवाद स्थापित करें ताकि आम लोग इसे समझ सकें और देश में वैज्ञानिक संस्कृति का निर्माण हो सके।

भारतीय विज्ञान कांग्रेस के शताब्दी समारोह का यहां उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, ''विज्ञान के प्रति आम और राजनीतिक समझ होना जरूरी है। इसलिए मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आधुनिक प्रचलित साधनों का उपयोग संवाद स्थापित करने में करें, ताकि इसे आम आदमी समझ सके।''

उन्होंने कहा, ''इससे भारतीय समाज में वैज्ञानिक संस्कृति का विकास होगा।''

पांच दिवसीय समारोह में छह नोबेल पुरस्कार विजेता, विदेश से 60 वैज्ञानिक, 15 हजार प्रतिभागी तथा छात्र हिस्सा लेंगे।

उन्होंने एक शताब्दी पहले के वैज्ञानिकों का जिक्र करते हुए कहा कि वे साधारण भाषा में व्याख्यान दिया करते थे, जिससे एक पूरी पीढ़ी में वैज्ञानिक लगाव पैदा हुआ।

मुखर्जी ने कहा, ''दुनिया के प्रमुख वैज्ञानिकों को हमेशा यह चिंता रही है कि कैसे प्राकृतिक घटनाक्रमों को लेकर उनकी समझ का उपयोग भविष्य की सामाजिक समस्याओं को सुलझाने में किया जा सके।''

उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इन्नोवेशन नीति जारी की, जिसमें भारत को 2020 तक दुनिया की पांच सबसे बड़ी वैज्ञानिक शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें समारोह में शामिल होने की इसलिए भी खुशी है कि कलकत्ता विश्वविद्यालय इसका सह-आयोजक है, जहां उन्होंने पढ़ाई की है और वे विज्ञान को आगे बढ़ाने में कॉलेज की भूमिका के बारे में जानते हैं।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Jharkhand Board Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड