Image Loading
बुधवार, 28 सितम्बर, 2016 | 17:23 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, परोल 24 अक्टूबर तक बढ़ाई: टीवी रिपोर्ट्स
  • पाकिस्तान में होने वाला सार्क सम्मलेन रद्द, भारत, भूटान, अफगानिस्तान और...
  • सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी इटेलियन मरीन लैतोरे को...
  • उरी हमला: गिरफ्तार गाइड ने किया खुलासा, पाकिस्तानी सेना के आईटी एक्सपर्ट देते थे...
  • कैबिनेट का फैसला, रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का उत्पादकता बोनस: टीवी...
  • शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल भी सुनवाई जारी...
  • लोढ़ा पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को कहा, बीसीसीआई हमारे सुझावों और दिशा निर्देशों का...
  • पाकिस्तानी कलाकारों फवाद, माहिरा और अली जफर के भारत छोड़ने पर बॉलीवुड सितारों...
  • टीम इंडिया में गंभीर की वापसी, भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट के टिकट होंगे सस्ते। इसके...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली-NCR वालों को गर्मी से नहीं मिलेगी राहत। रांची, लखनऊ और देहरादून...
  • भविष्यफल: तुला राशि वालों को आज परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा, मन प्रसन्न रहेगा।...
  • हिन्दुस्तान सुविचार: जीवन के बुरे हादसे या असफलताओं को वरदान में बदलने की ताकत...
  • सार्क में हिस्सा नहीं लेंगे पीएम मोदी, गंभीर की दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी,...
  • क्रिकेटर बालाजी 'रजनीकांत' के फैन हैं, आज बर्थडे है उनका। उनकी जिंदगी से जुड़े...

सख्त होता कारोबारी माहौल सबसे बड़ी चुनौती: रतन टाटा

न्यूयार्क, एजेंसी First Published:08-01-2013 06:33:52 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
सख्त होता कारोबारी माहौल सबसे बड़ी चुनौती: रतन टाटा

टाटा समूह के चेयरमैन पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए रतन टाटा ने कहा कि 100 अरब डालर के इस समूह के नए चेयरमैन सायरस मिस्त्री के लिए मुश्किल होता कारोबारी माहौल से निपटना सबसे बड़ी चुनौती होगी। यह 1991 के संकट से ज्यादा जटिल है। उन्होंने टाइम पत्रिका को दिए साक्षात्कार में कहा बड़ी चुनौती यह है कि कारोबारी माहौल मुश्किल हो रहा है और यह 1991 के मुकाबले ज्यादा जटिल है। 1991 में उदारीकृत अर्थव्यवस्था में कम लोगों को सफल होने की उम्मीद थी।

टाटा 21 साल के कार्यकाल के बाद टाटा समूह के प्रमुख के पद से 28 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए। वह अपने उत्तराधिकारी के सामने सबसे बड़ी चुनौती के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। यह पूछने पर कि क्या भ्रष्टाचार के कारण भारत में निवेशकों का विश्वास कम हो रहा है तो उन्होंने कहा कि कुछ समय तक यह हमारी चिंता का विषय रहा लेकिन उच्च वृद्धि दर और देश की संपन्नता ने इसे फीका कर दिया।

उन्होंने कहा कि इससे सत्ता और कारोबार की साठ-गांठ बढ़ी (क्रोनी कैपिटलिज्म) और हमारे जैसे लोग चिंतित रहे है कि इससे काम करने के समान मौके उस तरह नहीं मिलते जैसे मिलने चाहिए।
टाटा समूह के दूरसंचार क्षेत्र में कथित अनियमितताओं में शामिल होने और टाटा के एक लाबिस्ट के जांच के घेरे में आने के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में कहा कि जांच एजेंसियों ने न सिर्फ समूह को बरी किया बल्कि यह भी पाया कि उसे सभी दूरसंचार कंपनियों में सबसे कम फायदा मिला। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर कुछ फोन कॉल टेप हुए थे लेकिन इसमें नुकसानदेह कुछ भी नहीं था।

टाटा ने कहा हमने कुछ भी गलत नहीं किया कुछ भी गैरकानूनी नहीं किया इसलिए मैंने कुछ भी अलग नहीं किया। सेवानिवृत्ति के अनुभव के बारे में पूछने पर टाटा ने कहा कि मुझे अच्छा लग रहा है। जहां तक मेरा सवाल है यह राहत की बात है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड