Image Loading
रविवार, 25 सितम्बर, 2016 | 02:24 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • जम्मू में आतंकियों के 2 गाइड गिरफ्तार
  • केरल LIVE: आतंकवाद को एक्सपोर्ट कर रहा पाकिस्तान : PM मोदी
  • केरल LIVE: PM मोदी का पाक पर हमला, कहा- एक देश खून खराबा करने में लगा
  • केरल के कोझिकोड की रैली में पीएम मोदी ने मलयालम में शुरू किया भाषण
  • KANPUR TEST: तीसरे दिन का खेल खत्म, मुरली-पुजारा की नाबाद फिफ्टी, भारत-159/1
  • बिहार: पटना जिले के फतुहा में एएसआई आरआर चौधरी को बदमाशों ने गोली मारी, मौत
  • KANPUR TEST: केएल राहुल 38 रन बनाकर आउट, भारत-52/1
  • KANPUR TEST: न्यूजीलैंड की पारी 262 पर सिमटी, भारत को 56 रनों की बढ़त
  • इराक की राजधानी बगदाद में तीन आत्मघाती बम धमाके, 11 सुरक्षा कर्मियों की मौत: AP
  • कानपुर टेस्ट: न्यूजीलैंड का छठा विकेट गिरा, स्कोर-255/6

प्रमोशन में आरक्षण पर चर्चा शुरू: सपा का वाकआउट

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:13-12-2012 07:59:24 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
प्रमोशन में आरक्षण पर चर्चा शुरू: सपा का वाकआउट

राज्यसभा में गुरुवार को नाटकीय घटनाक्रम मे बाद सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण प्रदान करने संबंधी विधेयक पर अंतत: चर्चा शुरू हो गयी। अधिकतर दलों ने इसे अपना समर्थन दिया। हालांकि इसका विरोध कर रही समाजवादी पार्टी के सदस्य विधेयक पर चर्चा की शुरुआत से पहले ही सदन से वाकआउट कर गये।

इससे पहले सदन में इस विधेयक की चर्चा का विरोध कर रहे सपा के दो सदस्यों को आसन से सदन से बाहर चले जाने के लिए कहा गया और इस वजह से उत्पन्न गतिरोध के कारण बैठक को तीन बार संक्षिप्त रूप से स्थगित किया गया।

चर्चा के दौरान विधेयक का शिवसेना ने भी विरोध किया। भाजपा ने विधेयक के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए इसमें कुछ संशोधन की मांग की। संविधान 117वां संशोधन विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि मेरा दल सामाजिक न्याय की अवधारणा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ऐतिहासिक रूप से अवसरों से वंचित लोगों के उत्थान के लिए सकारात्मक कदम का समर्थन करती है, लेकिन उन्होंने इस तरह की पदोन्नतियां करते समय सेवा में कार्यक्षमता से संबंधित बिन्दुओं में बदलाव की मांग की।

विधेयक में अनुच्छेद 335 से संबंधित प्रावधानों के बारे में सरकार से पुनर्विचार करने की मांग करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि मौजूदा स्वरूप में विधेयक का अदालत में अटक जाने का जोखिम है।
उन्होंने कहा कि यह एक सामाजिक योजना है, जिसका काफी फायदा हुआ है लेकिन अभी काफी दूरी तय किया जाना बाकी है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड