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सरकार का प्रतिकूल हालात को अवसरों में बदलने का संकल्प: मनमोहन

कोच्चि, एजेंसी First Published:08-01-2013 03:07:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
सरकार का प्रतिकूल हालात को अवसरों में बदलने का संकल्प: मनमोहन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि दिनों दिन सशक्त होती जा रही और आवाज बुलंद कर रही जनता की बढ़ती अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कानून और नियामक ढांचे में सुधार करके सरकार किसी भी बाधा को अवसर में बदलने के लिए कत संकल्प है।

सिंह ने प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करते हुए कहा कि स्वच्छ और बेहतर प्रशासन के लिए अधिकार संपन्न तथा मुखर होती जा रही जनता की महत्वाकांक्षा बढ़ रही है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणियां दिल्ली में हाल ही में हुई सामूहिक बलात्कार की वीभत्स घटना और भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर देश भर में हुए आंदोलनों की पृष्ठभूमि में की है।

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए भारतवंशी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन के मुख्य अतिथि मॉरीशस के राष्ट्रपति राजकेश्वर परयाग हैं। सिंह ने कहा कि सरकार ने किसी भी प्रतिकूल हालात को कानूनी और नियामक ढांचे में सुधार करके अवसर में तब्दील करने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा कि मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हमारे नागरिकों, खास कर हमारे युवाओं की उर्जा और जोश हमारे देश में सकारात्मक बदलाव का कारण बनेगा। सिंह ने भारतवंशियों से कहा कि पिछले दो दशक में अच्छे आर्थिक प्रदर्शन और व्यापक स्तर पर बदलाव के बावजूद देश के सामने गरीबी, समानता, निरंतरता बनाए रखने और अवसर मुहैया कराने जैसी चुनौतियां सतत रही हैं।

उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं सहित समाज का संवेदनशील वर्ग पूर्वाग्रहों का सामना कर रहा है और तेजी से बदलते भारत में यह समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया को पिछले चार साल में विकसित देशों से उत्पन्न दो बड़े वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ा है। भारतीय अर्थव्यवस्था भी इसके नतीजों से अछूती नहीं रही।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से 2010 तक हमारा सालाना सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर 8 फीसदी से अधिक रहा, लेकिन 2011-12 में यह गिर कर 6.5 पर आ गया। चालू वित्त वर्ष में यह छह फीसदी से नीचे भी पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि घरेलू बाधाओं और चुनौतियों के बावजूद सरकार को विश्वास है कि अच्छी नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी और एक बार फिर उच्च वृद्धि दर के रास्ते पर आ जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन तथा पूंजी बाजारों और कर प्रणाली में सुधार के लिए हाल ही में कई कदम उठाए हैं। आठ फीसदी सालाना आर्थिक वृद्धि बनाए रखने के लक्ष्य के साथ हाल ही में स्वीकृत बारहवीं पंचवर्षीय योजना का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि इसके लिए व्यापक संसाधनों, नीतियों में सुधार और संस्थानों तथा सार्वजनिक निजी भागीदारी के नए मॉडलों सहित अन्य उपायों की जरूरत होगी।

सिंह ने कहा कि नई पहलों के लिए अवसंरचना, शिक्षा, उर्जा, जल और कृषि जैसी चुनौतियों के समाधान की जरूरत होगी। आर्थिक संकटों, संघर्षों, अशांति या नफरत के कारण हुए अपराधों से निपटने में भारतीय विशेषज्ञों की भूमिका की सराहना करते हुए सिंह ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हालात सामान्य नहीं हैं और ऐसे में विदेशों में बसे भारतीय समुदायों की सुरक्षा और संरक्षा का ख्याल हमारे मस्तिष्क में सबसे पहले है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरे देशों में बसे भारतीय समुदायों की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी उन देशों की सरकारों की है, लेकिन जरूरत के समय हमारी सरकार तत्काल आवश्यक सहायता मुहैया कराएगी। उन्होंने इस सिलसिले में लीबिया उदाहरण भी दिया।

सिंह ने कहा कि सरकार दूसरे देशों में बसे भारतीयों के भारत के साथ संबंध गहरे करने के लिए सभी संभव प्रयास करेगी, उनके हितों को महत्व देगी तथा उन्हें भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में भागीदारी के लिए आमंत्रित भी करेगी। इस मौके पर मॉरीशस के राष्ट्रपति ने अपने देश और भारत के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव का जिक्र किया।

उन्होंने कहा भारत का भाग्य और भारतवंशियों का भाग्य कई तरह से आपस में मिला हुआ है। प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन वर्ष 2003 से हर साल किया जा रहा है।

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