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विकास का लाभ वंचितों को भी मिले: राष्ट्रपति

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:15-12-2012 09:24:11 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
विकास का लाभ वंचितों को भी मिले: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उच्च आर्थिक विकास दर का लाभ जब तक गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) जीवन यापन कर रहे कमजोर वर्ग के लोगों तक नहीं पहुंचेगा तब तक इसका कोई अर्थ नहीं है।

प्रणब ने शनिवार को उत्तर भारत के मुख्यमंत्रियों के सेमिनार में कहा, ‘हमने देश के लिए जो उच्च आर्थिक विकास दर प्राप्त की है उसका तब कोई अर्थ नहीं जब तक कि उसका लाभ हमारे समाज के कमजोर तबकों तक न पहुंचे।’ इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी उपस्थित थे।

इस सम्मेलन का आयोजन पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इडस्ट्री ने किया था, जिसका शीर्षक ‘रिफ्युलिंग ग्रोथ’ था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘जब हमारी 30 फीसदी जनसंख्या बीपीएल में आती है, 26 फीसदी लोग अशिक्षित हैं तब समन्वित केवल नारा नहीं रह सकता बल्कि जरूरी उद्देश्य बन जाता है।’

प्रणब ने रोजगार सृजन में विनिर्माण क्षेत्र के महत्व पर बल देते हुए कहा, ‘विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर वर्ष 2009-10 में 9.7 फीसदी थी जो 2010-11 में 7.6 फीसदी और 2011-12 में घटकर 2.5 फीसदी रह गई।’ देश में विनिर्माण क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद के विकास दर में हिस्सेदारी 16 फीसदी पर राष्ट्रपति ने कहा कि एशिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, चीन और मलेशिया में यह 25 से 34 फीसदी तक है।

राष्ट्रपति ने तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उत्तर भारत के राज्यों से सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘देश के उत्तरी राज्यों का विकास देश के विकास के लिए जरूरी है और इसलिए यहां उपस्थित मुख्यमंत्रियों को इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।’ राष्ट्रपति ने पूर्वी भारत के लिए दूसरी हरित क्रांति का आह्वान करते हुए कृषि क्षेत्र में चार फीसदी की वृद्दि दर की आवश्यकता जताई।

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