Image Loading
शनिवार, 01 अक्टूबर, 2016 | 03:28 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पेट्रोल प्रति लीटर 28 पैसे हुआ महंगा, डीजल 6 पैसे हुआ सस्ता
  • श्रीलंका ने भी किया सार्क सम्मेलन का बहिष्कार, इस्लामाबाद में होना था सार्क...
  • पाकिस्तानी कलाकारों पर बोले सलमान, कलाकार आतंकवादी नहीं होते
  • सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडरः टीवी...
  • शहाबुद्दीन फिर जाएगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की
  • शराबबंदी पर पटना हाई कोर्ट ने नोटिफिकेशन रद्द कर संशोधन को गैरसंवैधानिक कहा
  • KOLKATA TEST: पहले दिन लंच तक टीम इंडिया का स्कोर 57/3, पुजारा-रहाणे क्रीज पर मौजूद
  • INDOSAN कार्यक्रम में पीएम मोदी ने NCC को स्वच्छता अवॉर्ड से सम्मानित किया
  • कोलकाता टेस्ट से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और अन्य...
  • भविष्यफल: मेष राशि वालों के लिए आज है मांगलिक योग। आपकी राशि क्या कहती है जानने...
  • कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, आज ही कर लें ये तैयारियां
  • PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन में 38 आतंकी ढेर, पाक का 1 भारतीय सैनिक को पकड़ने का...

मुखर्जी ने आयकर अधिनियम में संशोधन का किया बचाव

कोलकाता, एजेंसी First Published:31-03-2012 07:25:28 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को कहा कि वोडाफोन जैसे सीमा पार हुए सौदों को कर दायरे में लाने के लिए आयकर अधिनियम में पूर्वगामी प्रभाव के साथ संशोधन करने के सिवा और कोई उपाय नहीं है।

कलकत्ता चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक साक्षात्कार सत्र में मुखर्जी ने कहा, ''मैं आपके सामने एक सीधा प्रश्न रख रहा हूं। आप भारत को बगैर कर वाला देश बनाना चाहते हैं या कर वाला देश बनाना चाहते हैं।''

उन्होंने कहा, ''भारत में स्थित सम्पत्तियों के लेन-देन पर कर लगाया जाए या नहीं। यदि जवाब यह है कि इस पर कर लगाया जाए, तब सवाल यह पैदा होता है कि इस पर भारत में कर लगाया जाए या सम्बंधित कम्पनी के स्रेत पर कर लगाया जाए.. तब सवाल पैदा होता है कि इसे दोहरे कराधान निवारण समझौता या कर हस्तांतरण सूचना समझौता से कैसे बचाया जाए। इसके अलावा और कोई उपाय नहीं है।''

मुखर्जी ने 2०12-13 के बजट में 1962 के आयकर अधिनियम में पूर्वगामी प्रभाव से संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसका वोडाफोन ने विरोध किया।

सर्वोच्च न्यायालय ने वोडाफोन कर मामले में दिए आदेश में कहा था कि भारतीय कम्पनी हचीसन एस्सार में हांगकांग की कम्पनी हचीसन टेलीकॉम की 67 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर वोडाफोन पर कर की देनदारी नहीं बनती है, क्योंकि सौदा दो विदेशी कम्पनियों के बीच विदेश में हुआ था।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड