Image Loading राजेन्द्र चौधरी पर मक्का-मस्जिद धमाके का भी शक - LiveHindustan.com
शुक्रवार, 12 फरवरी, 2016 | 02:43 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • अजय माथुर को पूर्ण कार्यकारी शक्तियों के साथ टेरी का महानिदेशक नियुक्त किया...

राजेन्द्र चौधरी पर मक्का-मस्जिद धमाके का भी शक

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:16-12-2012 06:52:26 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
राजेन्द्र चौधरी पर मक्का-मस्जिद धमाके का भी शक

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों ने रविवार को बताया कि मुमकिन है साल 2007 में समझौता एक्सप्रेस में बम रखने का आरोपी राजेंद्र चौधरी साल 2007 के ही मई महीने में हैदराबाद की मक्का-मस्जिद में हुए बम धमाके के मामले में भी शामिल रहा हो। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे।
 
एनआईए सूत्रों ने बताया कि कल रात उज्जैन से 50 किलोमीटर दूर नागदा से गिरफ्तार किया गया राजेंद्र अपना नाम बदलकर रह रहा था। ताजा गिरफ्तारी से मक्का-मस्जिद धमाके की जांच में मदद मिल सकती है। सूत्रों ने कहा कि दक्षिणपंथी चरमपंथियों के बीच समुंदर सिंह के नाम से मशहूर राजेंद्र के खिलाफ जब एनआईए ने पांच लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था उसके बाद से उसने अपनी पूरी पहचान ही बदल ली थी और पिछले तीन साल से नाम बदलकर रह रहा था।

एनआईए सूत्रों ने आरोप लगाया कि वह 18 मई 2007 को हैदराबाद की मक्का-मस्जिद में बम रखने में भी शामिल था। इस धमाके में नौ लोग मारे गए थे। धमाकों के बाद पुलिस के साथ हुई झड़प में भी पांच लोगों की जान चली गई थी। ऐतिहासिक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान सेल-फोन से नियंत्रित पाइप बम में धमाका हुआ था।

मक्का-मस्जिद मामले की जांच 2011 में एनआईए को सौंपी गई जिसके बाद पांच लोगों- असीमानंद, लोकेश शर्मा, देविंदर गुप्ता, रामजी कालसांगरे और संदीप डांगे के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया। असीमानंद, लोकेश और देविंदर को तो गिरफ्तार किया जा चुका है पर रामजी और संदीप फरार हैं।
 
एनआईए सूत्रों ने बताया कि राजेंद्र से धमाके के मामलों में उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी। जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि समझौता एक्सप्रेस और मक्का-मस्जिद में बम रखने वाले एक ही थे। साल 2010 में समझौता एक्सप्रेस बम धमाके की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद हुई तफ्तीश से एजेंसी को यह अहम कामयाबी मिली है।
 
सूत्रों ने कहा कि मुखबिरों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर एनआईए ने आरोपी की निगरानी बढ़ा दी थी। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि राजेंद्र अपना नाम बदलकर रह रहा है। इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है। समझौता एक्सप्रेस मामले में जांच एजेंसी ने पहले ही कमल चौहान, असीमानंद और लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी कर ली है।

आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
 
 
 
 
जरूर पढ़ें
कैसा रहा साल 2015
क्रिकेट
U-19 WC: फाइनल में टीम इंडिया से भिड़ेगा वेस्टइंडीज, बांग्लादेश हाराU-19 WC: फाइनल में टीम इंडिया से भिड़ेगा वेस्टइंडीज, बांग्लादेश हारा
अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत के सामने वेस्टइंडीज की चुनौती होगी। गुरुवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज ने मेजबान बांग्लादेश को तीन विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड