Image Loading
सोमवार, 30 मई, 2016 | 23:54 | IST
 |  Image Loading

'टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगता भारत ने'

लंदन, एजेंसी First Published:18-12-2012 12:57:37 PMLast Updated:18-12-2012 01:17:46 PM
'टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगता भारत ने'

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि भारत को हालिया टेस्ट सीरीज़ में टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगतना पड़ा क्योंकि इंग्लैंड के स्पिनरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
     
भारत को इंग्लैंड ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 2-1 से हराया। हुसैन ने डेली मेल में अपने कॉलम में लिखा, भारत वह टीम नहीं रही जो कभी हुआ करती थी। दोनों टीमों में से इंग्लैंड बेहतर थी। इंग्लैंड के पास भारतीय हालात का फायदा उठाने के लिये बेहतर स्पिनर थे।
     
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की टीम मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक फिट और जीत की भूखी थी। भारत विकेट लेने में नाकाम रहा। पहला टेस्ट जीतने के बाद भारत को लगा कि टर्निंग विकेट बनाकर वे इंग्लैंड को दबाव में ला देंगे। उनका यही अति साहसी रवैया उन्हें ले डूबा।
     
हुसैन ने कहा कि पहला टेस्ट हारने के बाद इंग्लैंड ने जबर्दस्त वापसी की। उन्होंने कहा कि इस सीरीज़ में दूसरी पारियां अहम साबित हुई और इसी से मैच का रूख तय हुआ।

हुसैन ने कहा कि जब एलेस्टेयर कुक ने अहमदाबाद में हारे हुए टेस्ट की दूसरी पारी में शतक जमाया तभी से हालात बदलने लगे। यह वही पल था जब कप्तान ने अपनी टीम से कहा होगा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। गेंद दोनों तरफ से टर्न नहीं ले रही है और यदि हम डटकर खेले तो बड़ा स्कोर बना सकते हैं।
     
उन्होंने कहा कि उसके बाद से सब कुछ इंग्लैंड के अनुकूल हुआ। उन्होंने स्पिनर मोंटी पनेसर और बल्लेबाज केविन पीटरसन की तारीफ की। उन्होंने यह भी कहा कि टिम ब्रेसनन बेहतरीन क्रिकेटर है लेकिन कुक और एंडी फ्लॉवर को जैसे ही यह समझ में आया कि पहले टेस्ट में मोंटी पनेसर को नहीं चुनकर उन्होंने गलती की, ब्रेसनन बाहर हो गया।

 
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
Bihar Board Result 2016
Assembely Election Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट
कुक ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्डकुक ने तोड़ा तेंदुलकर का रिकॉर्ड
इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने आज यहां टेस्ट क्रिकेट में 10,000वां रन पूरा करते ही कई रिकार्ड अपने नाम किये जिनमें सबसे कम उम्र में इस मुकाम पर पहुंचने का रिकार्ड भी शामिल है जो अब तक भारतीय स्टार सचिन तेंदुलकर के नाम पर दर्ज था।