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नक्सलियों से बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं: रमेश

लालगढ़ (पश्चिम बंगाल), एजेंसी First Published:08-12-2012 09:52:06 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
नक्सलियों से बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं: रमेश

केंद्र सरकार ने कहा कि नक्सलियों से बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। राज्य के सर्वाधिक माओवाद प्रभावित पश्चिमी मिदनापुर जिले में कांग्रेस की ओर से आयोजित एक रैली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि हम माओवादियों से कह रहे हैं कि हमारी सरकार बातचीत के लिए तैयार है और इसके लिए हमारे दरवाजे खुले हैं। उग्र वामपंथियों द्वारा उत्पन्न खतरे का समाधान करने के लिए उन्होंने ‘संवेदनशील विकास’ और ‘राजनीतिक प्रक्रिया’ की महत्ता पर जोर दिया।

रमेश ने कहा है कि इस सच्चाई को जानते हुए कि नक्सलियों का भारतीय लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है और वे केवल हिंसा के सिद्धांत में विश्वास करते हैं, केंद्र सरकार ने वार्ता का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वे हमारी विधानसभाओं, लोकसभा और राज्य सभा को ध्वस्त कर देना चाहते हैं।

जनजातियों, खास तौर से वन क्षेत्र में रहने वालों के साथ हुए अन्याय को स्वीकार करते हुए रमेश ने कहा कि ऐसे जनजातियों को दीवानी अधिकार देने के लिए वन अधिकार कानून पारित किया गया है। रमेश ने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा और गोली का जवाब गोली कतई नहीं हो सकता। इसका जवाब बातचीत ही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की कार्रवाई पर विचार की जरूरत है, लेकिन इसके साथ ही विकास, न्याय और राजनीतिक प्रक्रिया पर भी विचार होना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने नक्सलियों का गढ़ समझे जाने वाले लालगढ़ में बदली हुई स्थिति के लिए केंद्र के प्रयासों का जिक्र किया।

 

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