Image Loading
रविवार, 25 सितम्बर, 2016 | 05:48 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • जम्मू में आतंकियों के 2 गाइड गिरफ्तार
  • केरल LIVE: आतंकवाद को एक्सपोर्ट कर रहा पाकिस्तान : PM मोदी
  • केरल LIVE: PM मोदी का पाक पर हमला, कहा- एक देश खून खराबा करने में लगा
  • केरल के कोझिकोड की रैली में पीएम मोदी ने मलयालम में शुरू किया भाषण
  • KANPUR TEST: तीसरे दिन का खेल खत्म, मुरली-पुजारा की नाबाद फिफ्टी, भारत-159/1
  • बिहार: पटना जिले के फतुहा में एएसआई आरआर चौधरी को बदमाशों ने गोली मारी, मौत
  • KANPUR TEST: केएल राहुल 38 रन बनाकर आउट, भारत-52/1
  • KANPUR TEST: न्यूजीलैंड की पारी 262 पर सिमटी, भारत को 56 रनों की बढ़त
  • इराक की राजधानी बगदाद में तीन आत्मघाती बम धमाके, 11 सुरक्षा कर्मियों की मौत: AP
  • कानपुर टेस्ट: न्यूजीलैंड का छठा विकेट गिरा, स्कोर-255/6

केशूभाई साथ होते तो दो तिहाई सीटें मिलतीं मोदी को

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:21-12-2012 05:22:01 PMLast Updated:21-12-2012 09:03:51 PM
केशूभाई साथ होते तो दो तिहाई सीटें मिलतीं मोदी को

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से मतभेदों के चलते अगर केशूभाई पटेल अपनी नयी पार्टी नहीं बनाते तो इस बार भाजपा दो तिहाई बहुमत का जादुई आंकड़ा छू सकती थी। जीपीपी ने एक दर्जन सीटों पर मोदी को नुकसान पहुंचाया।

केशूभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी राज्य में कोई करिश्मा तो नहीं दिखा सकी और उसे महज दो सीटें ही मिली हैं, लेकिन उसने एक दर्जन से अधिक सीटों पर सीधे सीधे भाजपा को नुकसान पहुंचाया है। अगर केशूभाई के साथ होने की स्थिति में इनमें से आधी सीटें भी भाजपा को मिल जातीं तो भाजपा का आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव में मिली सीटों से आगे निकल जाता।

गुजरात विधानसभा चुनावों के गुरुवार को घोषित परिणामों का विश्लेषण करें तो 14 सीटें ऐसी हैं, जहां जीपीपी अगर मैदान में नहीं होती और केशूभाई के समर्थन वाले मतदाता भी भाजपा प्रत्याशी को ही वोट डालते तो ये सीटें भाजपा के खाते में आ सकती थीं।

इनमें से 10 सीटें तो पिछली विधानसभा में भाजपा के ही पास थीं। यानी केशूभाई के अलग होकर चुनाव नहीं लड़ने की स्थिति में भाजपा 122 के जादुई आंकड़े को पार कर सकती थी।

अबादसा, छोटा उदयपुर, काडी, कांकरेज, लाठी, लिंबडी, लुनावड़ा, मनवादर, मेहमदाबाद, राजकोट पूर्व, सनखेड़ा, सोजितरा, तलाला और वांकनेर सीटों पर भाजपा और जीपीपी के प्रत्याशियों को मिले वोटों का योग कांग्रेस प्रत्याशियों के खाते में आये मतों से कहीं ज्यादा है।

गुजरात विधानसभा के कल घोषित परिणामों में भाजपा को जहां 115 सीटें मिली हैं, वहीं कांग्रेस के खाते में 61 और जीपीपी के खाते में महज दो सीटें ही आईं।

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 117 और कांग्रेस को 59 सीटें मिली थीं। इस तरह कल के चुनाव परिणाम तो लगभग 2007 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के नजदीक ही थे, लेकिन भाजपा को दो सीटों का नुकसान और कांग्रेस को इतनी ही सीटों का फायदा हुआ है।

इस बार कुछ सीटों पर तो केशूभाई की जीपीपी के बैनर तले खड़े हुए उम्मीदवारों को 500 से भी कम मत मिले हैं। केशूभाई पटेल ने विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार के दौरान मोदी के खिलाफ जनता से वोट मांगे, लेकिन उनकी अपील कोई खास जादू नहीं दिखा सकी। वह अपने प्रभाव वाले सौराष्ट्र क्षेत्र में भी मतदाताओं को लुभा नहीं सके।

जीपीपी ने 182 सीटों में से 163 पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें केवल विसावदर से केशूभाई पटेल और धारी से नलिन कोटडिम्या पार्टी के टिकट पर जीत हासिल कर सके हैं। बहरहाल कल मोदी ने चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले केशूभाई का ही आशीर्वाद लिया।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड