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कर्नाटक में लापता होने के मामलों को देखे केंद्रीय एजेंसी

बेंगलोर, एजेंसी First Published:03-12-2012 10:22:05 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

कर्नाटक महिला आयोग ने सोमवार को राज्य सरकार को सुझाव दिया कि लापता महिलाओं और लड़कियों के मामलों को देखने के लिए एक केंद्रीय निगरानी एजेंसी बनाए। आयोग ने कहा कि सभी बस और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी प्रकोष्ठ बनाएं जाने चाहिएं ताकि इन जगहों पर लड़कियों को दलालों से बचाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस आयोग से कहा था कि मैसूर में बड़ी संख्या में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने के कारणों का अध्ययन करे। आयोग ने छात्रों के लिए नैतिक शिक्षा अनिवार्य करने की सिफारिश करते हुए लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते गुमशुदगी, अपहरण और तस्करी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका रेखांकित की।

आयोग की अध्यक्ष सी मंजुला और अन्य सदस्यों ने राज्य के उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री आर अशोक को आज यह अध्ययन सौंपा। अध्ययन में कहा गया है कि इस तरह के अपराधों का शिकार बनने वाली ज्यादातर लड़कियां किशोरवय की और खास तौर से स्कूल अथवा कॉलेज की छात्रा होती हैं।

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