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तेंदुलकर की भावनाओं की कद्र करें: कुंबले

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:29-11-2012 07:44:12 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
तेंदुलकर की भावनाओं की कद्र करें: कुंबले

सचिन तेंदुलकर के संन्यास को लेकर चल रही चर्चा के बीच पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने टीम में इस स्टार बल्लेबाज की जगह पर सवाल उठा रहे लोगों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर की भावनाओं की कद्र की जानी चाहिए।

तेंदुलकर लंबे समय से खराब फार्म में चल रहे हैं और कई लोगों ने भारतीय टीम में उनके स्थान पर सवाल खड़े किये हैं लेकिन कुंबले ने कहा कि यह समय उन पर उंगली उठाने का नहीं बल्कि समर्थन करने का है। कुंबले ने वीक पत्रिका में अपने कालम में लिखा, कई ऐसे मौके थे जबकि उन्होंने अकेले भारत को जीत दिलाई लेकिन वह भारत की हार के एकमात्र कारण कभी नहीं रहे। बेहतर यही होगा कि उनके सामने जो है उससे उन्हें खुद निबटने दें क्योंकि कोई उनकी जगह नहीं ले सकता। किसी ने अब तक 192 टेस्ट मैच नहीं खेले हैं, 34 हजार रन नहीं बनाए हैं या 100 शतक नहीं लगाए हैं। उन्हें वह सम्मान दें जिसके वह हकदार हैं।

उन्होंने लिखा है, पिछले 23 साल में उन्होंने लोगों के सपने साकार करने में मदद की। उन्हें भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस कराया। अब हमें उनकी भावनाओं की भी कद्र करनी चाहिए।

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