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भारतीय मूल के 6 अमेरिकी नागरिकों को फेलोशिप

वाशिंगटन, एजेंसी First Published:28-04-2012 01:10:10 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
भारतीय मूल के 6 अमेरिकी नागरिकों को फेलोशिप

भारतीय मूल के छह अमेरिकी नागरिकों को आगे पढ़ाई की जारी रखने के लिए 2012 के लिए पॉल एंड डेजी सोरोस न्यू अमेरिकन फेलोशिप के लिए चुना गया है। अमेरिका में प्रवासियों एवं उनके बच्चों को मिलने वाली इस फेलोशिप के लिए 20 देशों के 30 लोगों को चुना गया है।

प्रत्येक फेलोशिप के अंतर्गत अमेरिका में किसी भी क्षेत्र में स्नातक स्तर की दो वर्षीय पढ़ाई पूरी करने के लिए 90,000 डॉलर की राशि एवं सहायता दी जाती है।

हंगरी से आए पॉल एंड डेजी सोरोस ने अमेरिका की तरक्की में प्रवासियों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह फेलोशिप शुरू की। चुने गए भारतीय मूल के लोगों में एक टेक्सास में जन्मे साहिल सिंह ग्रेवाल ने इस राशि का प्रयोग विधि में डिग्री या फिर एमबीए करने के लिए करेंगे। ह्वाइट हाउस में इंटर्न के तौर पर उन्होंने स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर काम किया है।

अमेरिकी सिक्ख जसमीत आहूजा के माता-पिता 1970 के दशक में यहां आ गए थे। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातक जसमीत याले लॉ स्कूल से डिग्री पूरी करने की योजना बना रही हैं। वह अमेरिकी विदेश मंत्रालय में काम कर चुकी हैं।

न्यू जर्सी में जन्मे विक्टर रॉय इस फेलोशिप से नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के फिनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसीन से एमडी की डिग्री पूरी करने की योजना बना रहे हैं। घाना के ग्रामीण इलाकों, ग्वाटेमाला एवं पश्चिम बंगाल की झुग्गियों में काम कर चुके रॉय ग्लोब-मेड के सह संस्थापक हैं। उन्होंने इस संस्था के द्वारा गरीब लोगों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए विश्वविद्यालय के छात्रों को सामुदायिक समूहों से जोड़ा।

भारतीय पिता एवं चीनी माता की संतान इंद्रा सेन हार्वर्ड विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर शिक्षा पूरी करना चाहती हैं। सेन ने फिलीस्तीनी एवं ईरानी मूल के यहूदी सहपाठियों के साथ इंस्पायर ड्रीम नामक गैर सरकारी संगठन की स्थापना की। यह संगठन वेस्ट बैंक पर 700 से अधिक फिलीस्तीनी बच्चों को शिक्षा दे रहा है।

जबकि भारत में जन्मे विनीत सिंघल इस फेलोशिप के द्वारा मेयो क्लीनिक स्कूल्स ऑफ मेडिसीन से अपनी मेडिकल डिग्री पूरी करना चाहते हैं। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक सिंघल ने एक गैर लाभकारी संगठन की स्थापना किया है। इस संगठन ने अमेरिका में मुफ्त स्वास्थ्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए 250000 डॉलर से अधिक की रकम जमा की है।

न्यू ओर्लियंस में जन्मी रीना थॉमस विधि में डिग्री पूरी करना चाहती हैं। रीना ने लुइसियाना के गवर्नर बॉबी जिंदल का सलाहकार बनने के लिए हार्वर्ड की पढ़ाई रोक दी।

 

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