Image Loading
रविवार, 25 सितम्बर, 2016 | 12:39 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पैरालंपिक के दिव्यांग खिलाड़ियों ने सामान्य खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन...
  • देश में शोक और आक्रोश है, दोषियों को सजा जरूर मिलेगी: पीएम मोदी
  • #Kanpur TEST: पुजारा 78 रन बनाकर ईश सोढ़ी की गेंद पर आउट, स्कोर-228/4
  • KANPUR TEST: कप्तान कोहली 18 रन बनाकर आउट, स्कोर-214/3
  • KANPUR TEST: भारत का दूसरा विकेट गिरा, विजय 76 रन बनाकर आउट
  • पढ़िए, शशि शेखर का ब्लॉग: 'असली भारत के हक में'
  • #INDvsNZ: कानपुर टेस्ट के तीसरे दिन के 5 टर्निंग प्वाइंट्स, खेल की दुनिया की टॉप 5 खबरें...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली-NCR में गर्म रहेगा मौसम। लखनऊ, पटना और रांची में बारिश की...
  • सुबह की शुरुआत करने से पहले जानिए अपना भविष्यफल, जानिए आज कैसा रहेगा आपका दिन
  • सुविचार: मनुष्य का स्वाभाव है कि जब वह दूसरों के दोष देख कर हंसता है, तब उसे अपने...
  • Good Morning: पाक को PM का करारा जबाव, बदहाल यूपी पर क्या बोले राहुल, और भी बड़ी खबरें जानने...

पूर्व प्रधानमंत्री गुजराल का आज होगा अंतिम संस्कार

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:01-12-2012 10:00:15 AMLast Updated:01-12-2012 11:47:14 AM
पूर्व प्रधानमंत्री गुजराल का आज होगा अंतिम संस्कार

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और विदेश नीति के पुरोधा इंद्र कुमार गुजराल का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ आज दोपहर तीन बजे होगा। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान 5 जनपथ पर लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार शाम को विशेष बैठक बुलाकर शोक संदेश पारित किया, जिसमें गुजराल को महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बताया गया। गुजराल के निधन पर सरकार ने देश में सात दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।

गुजराल के परिवार में दो पुत्र नरेश एवं विशाल गुजराल और पौत्र एवं पौत्रियां हैं। उनकी पत्नी शीला गुजराल का 2011 में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री के भाई सतीश गुजराल विख्यात शिल्पकार एवं चित्रकार हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के पुत्र और शिरोमणि अकाली दल से राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनके पिता ने 3.27 बजे आखिरी सांस ली।

पूर्व प्रधानमंत्री को सीने में संक्रमण के कारण 19 नवम्बर को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह तब से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। नरेश त्रेहन के नेतृत्व में नौ वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुजराल की देखरेख कर रहा था। चिकित्सकों ने सोमवार को बताया था कि गुजराल पर दवाओं का असर नहीं हो रहा है। वह मंगलवार को अचेत हो गए और दोबारा होश में नहीं आए।

इंद्र कुमार गुजराल का जन्म अविभाजित पंजाब के झेलम कस्बे में चार दिसम्बर 1919 को स्वतंत्रता सेनानी दम्पति के घर हुआ था। यह क्षेत्र अब पाकिस्तान में है। गुजराल युवावस्था में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की छात्र शाखा से जुड़ गए। उन्हें धरना प्रदर्शन करने पर लाहौर की बोरास्तल जेल भेजा गया।

गुजराल का परिवार 1947 में विभाजन के बाद दिल्ली आ गया। यहां गुजराल कांग्रेस के जरिए स्थानीय राजनीति में शामिल हो गए। उन्हें 1958 में नई दिल्ली नगर परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इंदिरा गांधी ने 1967 में उन्हें सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री बनाया। जल्द ही गुजराल इंदिरा गांधी के विश्वस्त बन गए।

गुजराल पहली बार 1989 में पंजाब की जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा में पहुंचे। दोबारा भी इसी क्षेत्र से 1998 में चुनाव लड़ा और सांसद बने। गुजराल 1989-90 के दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में और 1996-97 के दौरान एच.डी. देवगौड़ा की सरकार में विदेश मंत्री रहे। कांग्रेस द्वारा 1997 में देवगौड़ा सरकार से समर्थन वापस लेने पर वह 11 महीने तक प्रधानमंत्री रहे।

सक्रिय राजनीति से 1999 में संन्यास लेने के बाद भी बहुमुखी प्रतिभा के धनी गुजराल ने अपने लेखन के जरिए भारतीय राजनीति का मार्गदर्शन किया। उन्होंने 'मैटर्स ऑफ डिस्क्रिशन' नाम से अपनी आत्मकथा भी लिखी। उनकी 'गुजराल नीति' ने भारत के अपने पड़ोसियों से सम्बंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उपराष्ट्रपति एम. हामिद अंसारी ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि गुजराल एक प्रतिष्ठित नेता और सार्वजनिक क्षेत्र की एक महान हस्ती थे। उन्होंने विदेश मंत्री और सोवियत संघ में राजदूत सहित देश के लिए विभिन्न तरह से कई दशकों तक पूरी निष्ठा, ईमानदारी और देशभक्ति के साथ काम किया। उन्हें जानने वाले उन्हें उनके स्नेहशील, दयालु और मैत्रीपूर्ण स्वभाव के लिए हमेशा याद रखेंगे।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं गुजराल के निधन पर अत्यधिक दुखी हूं। वह विलक्षण नेता एवं शानदार सार्वजनिक हस्ती थे जिन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए देशभक्ति एवं समर्पण के साथ देश की सेवा की। रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने गुजराल को परिपक्व राजनीतिज्ञ की संज्ञा दी और कहा कि वह अपनी बात कहने से कभी नहीं हिचके। गुजराल के निधन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी गुजराल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए गंगा नदी जल बंटावारा समझौते में उनके योगदान को याद किया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख नितिन गडकरी एवं कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने भी गुजराल के निधन पर शोक व्यक्त किया।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड