class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नोएडा कंपनी में आग: छत के बंद दरवाजे और फंसी लिफ्ट ने ली 6 जान

नोएडा कंपनी में आग: छत के बंद दरवाजे और फंसी लिफ्ट ने ली 6 जान

सेक्टर-11 की कंपनी में छह कर्मचारियों की मौत की वजह सीढ़ियों से छत पर जाने के लिए बने दरवाजे पर लगा बंद ताला और लिफ्ट फंसना रही। कर्मचारियों को यदि जीने का दरवाजा खुला मिलता तो वह छत पर जा सकते थे। इससे उनको मदद मिल जाती। दमकल के हाईड्रोलिक प्लेटफार्म से इन कर्मचारियों को सकुशल उतारा जा सकता था। 

एक्सेल ग्रीनटेक कंपनी में बुधवार की दोपहर आग के बीच फंसे कर्मचारियों व अधिकारियों के पास बचने का कोई मौका नहीं था। कंपनी की छत के गेट पर ताला लगा था। इस वजह से आग में फंसे लोग छत पर खुली हवा में भी नहीं जा सकते थे। उधर कंपनी में गत्तों के ढेर की वजह से बार-बार आग भड़क रही थी। इससे राहत व बचाव कार्य शुरू करने में छह घंटे का वक्त लग गया। 

अग्शिमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अमन शर्मा ने बताया कि कंपनी की छत पर जाने का रास्ता बंद था। छत पर जाने वाले गेट में ताला लगा था। आग कंपनी की तीसरी मंजिल में लगी थी। थोड़ी देर में ही आग ने पूरी चार मंजिला बिल्डिंग और बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया था। ऐसे में चौथी मंजिल पर फंसे छह लोगों को बचने का मौका नहीं मिला। 
अगर छत का गेट खुला होता तो कर्मचारी छत पर भागकर जान बचा सकते थे। ऐसे में उन्हें हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म के जरिए बचा पाना भी आसान होता। आग और धुएं से घिरी बिल्डिंग के बीच फंसे लोगों को निकाल पाना संभव नहीं था। आग लगने की वजह और कंपनी में मौजूद अग्निशमन के इंतजामों की जांच की जाएगी।

प्रत्येक तल पर गत्तों का ढेर लगा था
सीएफओ हापुड़ अनिमेष सिंह और गाजियाबाद के सीएफओ एआर शर्मा ने बताया कि कंपनी के प्रत्येक तल पर भारी मात्रा में गत्तों का ढेर रखा था। इस वजह से बार-बार आग भड़क रही थी। आग थोड़ी नियंत्रित होने के बाद अग्निशमन कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क पहनकर प्रत्येक तल में घुसे और प्रेशर से गत्तों के ढेर में पानी की बौछार डाली गई। साथ ही, गत्तों के ढेर को हटाकर भी बुझाया गया। इसके बाद आग काबू हो सकी।

लिफ्ट में यूं फंसे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद कुछ कर्मचारियों ने लिफ्ट का इस्तेमाल कर नीचे आने का प्रयास किया, लेकिन चौथी मंजिल से दूसरी मंजिल आने पर लिफ्ट बंद हो गई। कर्मचारियों ने साथी कर्मचारियों को फोन कर लिफ्ट बंद होने की सूचना भी दी। लेकिन आग लगने की वजह से उनकी मदद नहीं हो पाई। माना जा रहा है कि चौथी मंजिल पर लिफ्ट में फंसे लोग फिर चौथी मंजिल पर पहुंच गए होंगे और आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। 

शीशा तोड़कर कार को हटाया गया
कंपनी के सामने ही कंपनी निदेशक संजाय दास की कार खड़ी हुई थी। कार बीच सड़क पर खड़ी थी कि फायर टेंडरों को निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। संजाय का कुछ पता नहीं चल रहा था इसलिए लोगों ने कार का शीशा तोड़कर स्टेयरिंग घुमाकर उसे एक तरफ किया। 

दमकलकर्मी ने दिलेरी दिखाई 
दमकल के एक दिलेर कर्मचारी सोनित कुमार ने आग की लपटों के बीच सीढ़ी लगाकर प्रथम तल पर पहुंचकर आग बुझाने का काम किया। इस कर्मचारी ने सबसे पहले प्रथम तल पर पहुंचकर बाकी साथियों को भी ऊपर बुलाया। सोनित फेज-2 स्थित फायर स्टेशन पर दमकलकर्मी हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने सोनित की दिलेरी की खूब तारीफ की। 

42 मीटर ऊंचे हाईड्रोलिक प्लेटफार्म काम आया 
नोएडा दमकल विभाग को जनवरी में ही 42 मीटर और 32 मीटर ऊंचा हाईड्रोलिक प्लेटफार्म मिले थे। बुधवार को लगी आग में दोनों मशीनों ने अपना कमाल दिखाया। कंपनी के दो तरफ दोनों प्लेटफार्म लगाकर आग बुझाने का काम किया गया। इससे आग जल्दी से काबू में आई। हालांकि, एक प्लेटफार्म का पानी का पाइप बीच में ही खुल गया था, इसके बाद उसे प्रयोग नहीं किया गया। लेकिन लगभग डेढ़ घंटे में इस प्लेटफार्म ने 12 हजार लीटर पानी कंपनी के अंदर डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। 

बीते साल गाजियाबाद में भी ऐसे हादसे में पांच जान गई थीं
14 मई 2016 को गाजियाबाद के राज नगर स्थित सेक्टर-14 में इंडिया मार्ट कंपनी में सीढ़ियों के दरवाजे का ताला बंद होने से पांच कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई थी। इस हादसे में आज तक किसी दोषी को सजा नहीं हुई है। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:excel greentek company fire tragedy