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गिरफ्त में आतंकी: हत्या समेत 75 केस में थी खालिस्तान कमांडो की तलाश

गिरफ्त में आतंकी: हत्या समेत 75 केस में थी खालिस्तान कमांडो की तलाश

1/2गिरफ्त में आतंकी: हत्या समेत 75 केस में थी खालिस्तान कमांडो की तलाश

 

आतंकी गतिविधयों, पुलिसकर्मियों की हत्याएं, डकैतियों और लूट की 50 से अधिक वारदातों में शामिल रहे खालिस्तान कमांडो फोर्स के एक आतंकी को अपराध शाखा ने महिपालपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरसेवक उर्फ बबला के पास से एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। वह 1984 के आपरेशन ब्लू स्टार में मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले का साथी रहा है। 

संयुक्त आयुक्त प्रवीर रंजन के अनुसार बीते 20 मार्च को अपराध शाखा के पास सूचना आई कि खालिस्तान कमांडो फोर्स का आतंकी गुरसेवक सिंह महिपालपुर इलाके में आएगा। पटियाला अदालत ने उसे एक मामले में भगोड़ा घोषित कर रखा है। उसके पास  हथियार भी हो सकते हैं। इस जानकारी पर एसीपी जसबीर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर पीसी खंडूरी और एसआई दाता राम की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

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तलाशी में उसके पास से एक पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस मिले। उसके खिलाफ अपराध शाखा ने आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया है। आरोपी गुरसेवक मूल रूप से लुधियाना का रहने वाला है। वह दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। पंजाब में वर्ष 1980 के दौरान उसका बड़ा भाई स्वर्ण सिंह जरनैल सिंह भिंडरावाले का साथी था। उसी समय वह भिंडरावाले के भतीजे दर्शन सिंह के संपर्क में आया और वर्ष 1982 में उनका साथी बन गया। 

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आईएसआई की मदद से बना संगठन

वर्ष 1984 में भारतीय सेना ने जब आपरेशन ब्लू स्टार में भिंडरावाले को मार दिया तो उसके अधिकांश साथी पाकिस्तान भाग गए, जहां उन्हें आईएसआई ने संरक्षण दिया। आईएसआई की मदद से बाद में इन आतंकियों ने खालिस्तान कमांडो फोर्स, बब्बर खालसा और भिंडरावाले टाइगर फोर्स आदि संगठन बनाए। गुरसेवक सिंह कुख्यात आतंकी मनवीर सिंह छेदू के साथ मिलकर खालिस्तान कमांडो फोर्स का सदस्य बन गया। इसके बाद वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा। उसने दर्जनों ऐसे लोगों की हत्या की जिनके भारतीय सुरक्षा एजेंसी के मुखबिर होने का शक था। इसके अलावा पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में उसने कई डकैती की वारदातों को अंजाम दिया। 

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके संगठन को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से मदद मिल रही थी। वह उन्हें भारी मात्रा में मादक पदार्थ और जाली भारतीय नोट मुहैया करवा रहे थे। जिसकी मदद से वह भारत को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे थे। 

इस समय खालिस्तान कमांडो फोर्स का सरगना परमजीत सिंह पंजवाड़ है, जो पाकिस्तान में मौजूद है। गुरसेवक सिंह परमजीत सिंह, पूर्व सरगना जगतार सिंह हवारा एवं अन्य आतंकियों के संपर्क में था। परमजीत के कहने पर वह एक बार फिर अपने संगठन को जोड़ने में जुटा हुआ था। 

संपादक की कर दी थी हत्या

मई 1984 में गुरसेवक सिंह ने अपने साथियों लाभ सिंह, गुरिन्द्र सिंह और स्वर्णजीत सिंह के साथ मिलकर एक समाचार पत्र के संपादक रमेश चंद्र की जालंधर में हत्या कर दी थी। संपादक द्वारा भिंडरेवाले की आलोचना करने के चलते उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। लुधियाना पुलिस ने उसी वर्ष उसे एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था। 

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  • Web Title:delhi police crime branch arrested khalistan commando force terrorist gursewak singh