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तोमर के शरीर पर नहीं थे चोट के निशान: डॉक्टर

तोमर के शरीर पर नहीं थे चोट के निशान: डॉक्टर

डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को जब अस्पताल लाया गया, तो उनके शरीर पर बड़ी बाहरी चोटें नहीं थीं। उनके शरीर पर कटने और चोट लगने के कुछ निशान थे। उन्हें मरणासन्न अवस्था में अस्पताल लाया गया था।
   
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कांस्टेबल सुभाष तोमर (47) रविवार को इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे। पिछले रविवार को सामूहिक बलात्कार की घटना के विरोध में इंडिया गेट पर विशाल प्रदर्शन हुआ था।
   
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर टी़ एस़ सिद्धू ने कहा कि वे मरणासन्न अवस्था में अस्पताल लाए गए थे और हमारे डॉक्टरों ने उनकी स्थिति में कुछ सुधार किया था, लेकिन उनकी हालत स्थिर नहीं थी, इसलिए हमने उन्हें आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया। वे वेंटिलेटर पर थे।
   
उन्होंने कहा कि चोट लगने और कटने के कुछ घावों के अलावा कोई बड़ा बाहरी जख्म नहीं था। पूछने पर कि क्या यह दिल का दौरा पड़ने का मामला था, डॉक्टर सीधे जवाब देने से बचे।
   
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम। यह मेरी टिप्पणी नहीं है। वे आए, वे गहरे सदमे में थे और हमने उनकी हालत में सुधार किया। हमारे पूरे रिकार्ड के अनुसार, कोई गंभीर आंतरिक चोट नहीं थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सब कुछ बताएगी।
   
दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कल कहा था कि तोमर को गर्दन, सीने और पेट में अंतरिक चोटें आयी हैं और पुलिस मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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