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मोदी का विकास नहीं दिखता सौराष्ट्र में: सोनिया

मांडवी-केशोड (गुजरात), एजेंसी First Published:07-12-2012 10:44:20 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
मोदी का विकास नहीं दिखता सौराष्ट्र में: सोनिया

गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार पर सौराष्ट्र क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात में विकास के लंबे-चौड़े वादे किये गए हैं, लेकिन प्रगति यहां कहीं भी दिखाई नहीं पड़ रही है और भाजपा के दावे खोखले और झूठे हैं।

13 दिसंबर को पहले चरण के मतदान से पहले दो अलग-अलग जगहों पर रैलियों को संबोधित करते हुए सोनिया ने आरोप लगाया, उनकी (मोदी और भाजपा) गरीबों और आम जनता में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनकी दिलचस्पी सिर्फ अपने और कुछ अन्य चुनिंदा लोगों के विकास में है।

कांग्रेस अध्यक्ष की पहली रैली दक्षिण गुजरात में सूरत जिले के मांडवी कस्बे के पास एक गांव में आयोजित की गयी और दूसरी रैली सौराष्ट्र क्षेत्र के जूनागढ़ जिले के केशोड कस्बे में आयोजित की गयी।

गुजरात में क्षेत्रीय असमानता का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विकास की बात आती है तो सौराष्ट्र की अनदेखी क्यों की जा रही है। इससे पहले पूर्व भाजपा नेता केशूभाई पटेल ने भी सौराष्ट्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था।

सोनिया ने यहां एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि विकास का बड़े पैमाने पर जो वादा किया गया था वो इस आदिवासी भूमि पर कहीं नहीं दिखाई पड़ रहा है क्योंकि जो उन्होंने वादा किया गया वह खोखला और झूठा है।

उन्होंने मोदी का नाम लिए बिना कहा कि यह महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है। वे जो बोलते थे उस पर अमल करते थे। अब लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन उनका पालन नहीं करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी पर सीधा हमला करने से बचते हुए पिछले दस साल में गुजरात सरकार के प्रदर्शन का उल्लेख किया। सोनिया ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछले एक दशक से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा सरकार सौराष्ट्र में सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी लाने में विफल रही है।

सोनिया ने कहा कि भाजपा क्षेत्र के 110 बांधों को नर्मदा के पानी से भरने का सपना दिखा रही है। वह दरअसल मोदी सरकार की 10 हजार करोड़ रुपए की सौनी (सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई) योजना का उल्लेख कर रहीं थीं। राज्य में कांग्रेस को आदिवासियों का समर्थन प्राप्त होने का उल्लेख किए बिना सोनिया ने कहा कि इस क्षेत्र की जनता से हमारे (कांग्रेस के) अच्छे संबंध रहे हैं। निहित स्वार्थ की राजनीति के कारण उन्होंने (भाजपा) लगातार इस संबंध को कमजोर करने का प्रयास किया है लेकिन आपने उनके कदमों को नाकाम किया है।

मोदी सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपए की वन-बंधु कल्याण योजना के तहत विभिन्न वादे करके आदिवासी क्षेत्र में कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश की है। सोनिया ने सवाल किया कि वन बंधु कल्याण योजना के तहत वादा की गई राशि कहां गई क्योंकि योजना के तहत कुछ भी कार्यान्वित नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार बिना किसी पक्षपात के गुजरात समेत विभिन्न राज्यों को हजारों करोड़ रुपए आवंटित कर रही है लेकिन कोई भी नहीं जानता कि इस रकम को (गुजरात में) कैसे खर्च किया गया।

सोनिया ने कहा कि राज्य की आदिवासी जनता अब भी क्यों गरीब है। क्यों उनके जीवन, स्थिति और वित्तीय दशा में अंतर नहीं आया है।
 राज्य के पूर्वी हिस्से में 30 आदिवासी बहुल विधानसभा क्षेत्र हैं जिनपर कांग्रेस अध्यक्ष की नजर है।

उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के पहाड़ी गांवों में कोई पानी नहीं है। भाजपा ने आपको 2.25 लाख झील और बांध बनाने का सपना दिखाया है। वे कहां हैं। आदिवासी लोगों के लिए रोजगार कहां है।

सोनिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस दक्षिण गुजरात के विकास के लिए जिम्मेदार है। जो सड़क आप यहां देख रहे हैं वह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से आम आदमी की कठिनाइयां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने आपकी समस्याओं पर ध्यान दिया होता तो आप इतनी सारी समस्याओं का सामना नहीं करते।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संप्रग सरकार ने कर्ज में डूबे किसानों का ऋण माफ कर दिया था लेकिन भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों की वजह से गुजरात में उनकी स्थिति में बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों की सरकार है। हमने उनके लिए कर्ज माफ किए।

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