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कांग्रेस किशोर न्याय कानून की पुन: समीक्षा के पक्ष में

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:04-01-2013 09:04:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

दिल्ली में एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिये जाने की मांग के बीच कांग्रेस ने किशोर न्याय कानून पर फिर से निगाह डालने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सब सहमत होंगे कि इस पर फिर से गौर करने की जरूरत है। जो अपराध घटित हुआ है, खासकर उस अपराध के सिलसिले में किशोर न्याय कानून की परिभाषा पर फिर से गौर किये जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि चूंकि हम यह जानते हैं कि किशोर अपराधियों पर लागू होने वाला कानून अपने स्वभाव में काफी नरम है, क्योंकि हमरा मानना है कि बच्चों को जीवन में एक अन्य अवसर दिया जाना चाहिए। लेकिन अपराध की प्रवृति को देखते हुए इस पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।

वह संवाददाताओं के उस सवाल का जवाब दे रही थी जिसमें उनसे हाल के बलात्कार की दिल दहला देने वाली घटना के मद्देनजर कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा किशोर अपराध को पुन:परिभाषित किये जाने की मांग पर कांग्रेस की राय पूछा गया था।

दिल्ली में 23 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार कांड के अभियुक्तों में शामिल एक वयस्क नहीं है। पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड में रिपोर्ट दाखिल करने से पहले उक्त नाबालिग लड़के का हड्डी का रिपोर्ट का इंतजार करने का निर्णय किया है, ताकि उसकी सही उम्र का पता लगाया जा सके। उक्त लड़के ने अपने स्कूल के प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते हुए दावा किया है कि वह 17 वर्ष का है। यह उन छह अभियुक्तों में शामिल है जिसे पुलिस ने इस बलात्कार कांड के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।

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