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केंद्र सरकार को एफडीआई पर संसद में जीत का भरोसा

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:02-12-2012 06:01:40 PMLast Updated:02-12-2012 06:42:39 PM
केंद्र सरकार को एफडीआई पर संसद में जीत का भरोसा

केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को भरोसा है कि खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर लोकसभा में चार-पांच दिसम्बर को होने वाली चर्चा के बाद होने वाले मतदान में उसकी जीत होगी।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन से साक्षात्कार में कहा, ''हम संख्या बल को लेकर आश्वस्त हैं। खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर विपक्ष का प्रस्ताव दोनों सदनों में पराजित होगा।''

उल्लेखनीय है कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के मुद्दे पर चार-पांच दिसम्बर को लोकसभा में चर्चा होने वाली है और इसके बद राज्यसभा में इस पर चर्चा होगी। लोकसभा में नियम 184 और राज्यसभा में नियम 168 के तहत चर्चा होगी। दोनों ही नियम चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान करते हैं।

केंद्र सरकार निचले सदन में संख्या बल अपने पक्ष में होने को लेकर आश्वस्त है, जबकि उच्च सदन में संख्या बल उसके पक्ष में नहीं है। कमलनाथ ने कहा, ''हम अन्य पार्टियों से अपील कर रहे हैं कि वे प्रस्ताव की राजनीति को खारिज कर दें।''

केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने आईएएनएस से कहा, ''हम दोनों सदनों में समर्थन के लिए अन्य दलों से बातचीत कर रहे हैं।''

सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा में एफडीआई पर मतदान को लेकर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

सपा नेता राम गोपाल यादव पिछले सप्ताह कह चुके हैं कि पार्टी राज्यसभा में एफडीआई का विरोध करेगी। लेकिन सरकारी सूत्रों को भरोसा है कि वे सपा को मनाने में कामयाब होंगे।

संप्रग का दावा है कि 245 सदस्यीय राज्यसभा में इसके सदस्यों की संख्या 90 है, जबकि उसे बाहर से समर्थन देने वाली बसपा, सपा तथा लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ इसके पास 117 का संख्या बल है।

वहीं, विपक्ष का दावा है कि उसके पास 110 सदस्यों का संख्या बल है। इसके अतिरिक्त सात निर्दलीय, छोटी पार्टियों के पांच तथा मनोनीत सदस्यों की संख्या 10 है।

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