Image Loading
मंगलवार, 28 मार्च, 2017 | 01:51 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पढ़ें रात 11 बजे की टॉप खबरें, शुभरात्रि
  • आपकी अंकराशि: क्लिक करें और पढ़ें कैसा रहेगा आपका कल का दिन
  • प्राइम टाइम न्यूज़: पढ़े अब तक की 10 बड़ी खबरें
  • नवरात्रि विशेष: नवरात्रि 28 मार्च से, पढ़ें इससे जुड़ी 10 खबरें
  • बच्चों को लेकर छलका करण का दर्द, पेरेंट्स को दी ये सलाह, यहां पढ़ें बॉलीवुड की 10...
  • हिन्दुस्तान Jobs: AIIMS पटना में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर होंगी नियुक्तियां,...
  • उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी को पार्टी के...
  • PM मोदी के गवर्नेंस मॉडल पर चल रहे हैं CM योगी, पढ़ें राज्यों से अब तक की 10 बड़ी ख़बरें
  • टॉप 10 न्यूज़: Video में देखें, शाम 6 बजे तक की देश की बड़ी खबरें
  • उत्तराखंड सरकार ने भूमि अधिग्रहण में हुए करीब 270 करेाड़ रुपये के घोटाले की...
  • INDvsAUS: तीसरे दिन का खेल खत्म, भारत को जीत के लिए 87 रन की जरूरत

नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद नहीं: बार्कलेज

मुंबई, एजेंसी First Published:06-12-2012 04:43:13 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद नहीं: बार्कलेज

ब्रिटेन के बैंक बार्कलेज का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक 18 दिसंबर को होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा में नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। ब्याज दरों में कटौती जनवरी में ही संभव है।

बार्कलेज ने एक नोट में कहा कि हमारा मानना है कि रिजर्व बैंक सीआरआर कटौती और खुले बाजार की क्रियाओं के जरिए तरलता से जुड़ी चिंताओं का निदान करता रहेगा।

रेपो दर जिस दर पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक उधार देता है, इसमें कटौती जनवरी के अंत तक ही संभव है। पिछले तीन महीने से अधिक समय में रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षी अनुपात, वह राशि जिसे बैंकों को नकदी के रूप में रिजर्व बैंक के पास रखना होता है, को 0.50 प्रतिशत घटाकर 8 प्रतिशत किया है। लेकिन इससे ब्याज दरों में तुरंत कोई कमी नहीं आयी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा तरलता स्थिति को देखते हुए हमे चालू वित्त वर्ष के अगामी तीन महीनों में खुले बाजार की क्रियाओं पर जोर और सीआआर कटौती की उम्मीद है। अगामी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर में भारी गिरावट से रेपो दर कटौती पर बल पड़ सकता है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड