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नीतीश समर्थक विधायकों की राष्ट्रपति के समक्ष परेड, होर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई

नीतीश समर्थक विधायकों की राष्ट्रपति के समक्ष परेड, होर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई

बुधवार की शाम बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करके बिहार की स्थिति और राज्यपाल की भूमिका की उन्हें जानकारी दी। बैठक के बाद नीतीश ने कहा कि राष्ट्रपति ने उन्हें स्थिति पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

नीतीश ने बैठक में राष्ट्रपति के समक्ष विधायकों की खरीद फरोख्त की चिंता जताई और उनसे पूरे मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। नीतीश के साथ 129 विधायक और पार्टी के बड़े नेता भी थे। नीतीश ने अपने विधायकों की राष्ट्रपति भवन में परेड कराई और राष्ट्रपति से खुद उन्हें समर्थन दे रहे विधायकों की संख्या देखने का आग्रह किया।

नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति से मिलने की चाक चौबंद रणनीति बनाते हुए जनता दल परिवार की एकता के सूत्रधार मुलायम सिंह यादव को आगे किया। मुलायम सिंह के नेतृत्व में नीतीश कुमार, शरद यादव, लालू यादव, सीपी जोशी, अवधेश राय, दुलालचंद गोस्वामी, वशिष्ठ नारायण सिंह, अब्दुल बारी सिद्दिकी, सदानंद सिंह, अशोक चौधरी के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की।

दिल्ली के बाहर ठहराए गए विधायक : इससे पहले देर रात दिल्ली पहुंचे 130 विधायकों में अधिकांश को दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश की सीमा में आने वाले नोएडा व ग्रेटन नोएडा के होटलों में ठहराया गया था। खुद नीतीश कुमार दिल्ली स्थिति बिहार भवन में रुके। सुबह से ही उन्होंने मीडिया से मुलाकातों में भाजपा पर जमकर निशाना साधा और कहा कि उनको रोकने के लिए साजिश की जा रही है।

हालांकि दोपहर में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बिहार भवन में कुछ देर के लिए खामोशी छा गई, लेकिन तीन बजे से विधायकों का वहां पहुंचना शुरू हो गया। बाद में शाम पांच से छह बजे के बीच सभी विधायक व नेता शरद यादव के आवास पर एकत्र हुए और वहां से शाम साढ़े छह बजे राष्ट्रपति भवन के लिए बसों में व गाड़ियों में रवाना हुए।

हाईकोर्ट के फैसले से नहीं पड़ेगा कोई असर : नीतीश

नीतीश कुमार ने आज आए हाईकोर्ट के फैसले पर कहा कि इसकी गलत व्याख्या की जा रही है। उनके कानूनी सलाहकारों ने इसका अध्ययन किया है। इसमें कोई खास बात नहीं है। वे तो खुद ही कह रहे हैं कि विशेष सत्र में मौजूदा मुख्यमंत्री को भी बहुमत सिद्ध करने दिया जाए और उसके बाद उनको सरकार बनाने का मौका दिया जाए। नीतीश ने कहा कि भाजपा के लोग उनके मुख्यमंत्री बनने को लेकर बैचेन हैं। राज्य में भाजपा पूरी तरह अलग थलग पड़ चुकी है। वे बहुमत में बाधा डालना चाहते हैं। ऐसी स्थिति बनाना चाहते है ताकि राष्ट्रपति शासन लगाने का मौका मिले।

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