Image Loading
गुरुवार, 25 अगस्त, 2016 | 04:42 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
खास खबरें

भोपाल के ताल पर मंडाराने लगे हैं प्रवासी पक्षी

भोपाल, एजेंसी First Published:05-12-2012 10:26:35 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
भोपाल के ताल पर मंडाराने लगे हैं प्रवासी पक्षी

पक्षियों का कलरव रोमांचित करने के साथ उर्जा देने वाला होता है और यदि यह कलरव तालों के ताल भोपाल में देखने को मिले तो फिर कहना ही क्या। इन दिनों भोपाल ताल (भोज ताल) सहित अन्य स्थलों पर प्रवासी पक्षियों की अठखेलियां मन को खूब भा रही हैं।

वैसे तो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीते वषरे के मुकाबले प्रवासी पक्षियों की संख्या में कमी आई है, लेकिन उनके आने का दौर पूरी तरह थमा नहीं है। सर्दियों के मौसम में हर साल प्रवासी पक्षियों का भोपाल में आगमन होता है, इस बार भी ऐसा ही कुछ है।

सुबह के समय वनविहार, कलियासोत, शाहपुरा झील, भदभदा और केरवा बांध का नजारा ही निराला होता है। यहां प्रवासी पक्षी बरबस पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। इन स्थलों पर प्रवासी पक्षियों का डेरा सुंदरता व दृश्य को और भी मनोरम बना देता है।

पक्षियों पर ब्लॉग लिखने वाले और छायाकार अनिल गुलाटी ने बताया, ''उत्तर एवं पश्चिमोत्तर क्षेत्रों से आने वाले प्रवासी पक्षी सर्दी के दिनों में भोपाल में जुटते हैं। इस बार भी वे आए हुए हैं, लेकिन उनकी संख्या पिछले साल की तुलना में कम है। इस बार सबसे अधिक आकर्षित करने वाली पक्षी पीले पैरों वाली चिडिम्या (यलो लैग्ड गुल्स) है।''

गुलाटी ने प्रख्यात पक्षी वैज्ञानिक डॉ. सलीम अली की किताब 'बुक ऑन इंडियन बर्डस' का हवाला देते हुए कहा, ''इस किताब में लिखा गया है कि हर साल सितम्बर और नवम्बर के बीच या सर्दियों के दिनों में अचानक ही पक्षियों की संख्या बढ़ जाती है। उन्हें ऐसे स्थानों पर भी देखा जाता है, जहां लोगों ने पहले एक भी पक्षी को नहीं देखा होता है।''

सर्दी के मौसम में भोपाल और मध्य प्रदेश में भी प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ जाती है। यहां खासकर सनबर्ड्स, मिनिवेट्स, लाई कैचर, पिट्टा, मूरहेन्स, वैगटेल्स, बैबलर्स जैसे पक्षियों का नजर आना आम है। प्रवासी पक्षियों के आने की मूल वजह यहां हरियाली और जल स्रेत संग्रह का होना है।

भोपाल में इस साल ब्लैक रेड स्टार्ट, लार्ज कोरमोरेंट्स (शिकारी पक्षी), स्पट बिल्ड डक्स, लिटिल ब्लू किंगफिशर, रडी शेलडक, लेसर व्हिस्लिंग टील्स, रिवर टर्न, पेंटेड स्टर्क और ब्लैक हेडेड गुल्स जैसे प्रवासी पक्षी आए हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मनभावन यलो लैग्ड गुल्स हैं।

राजधानी में बीते वषरे के मुकाबले प्रवासी पक्षियों की आमद में कुछ कमी आई है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि तमाम जल संग्रह स्थलों के आसपास सीमेंट की बड़ी-बडी इमारतें खड़ी हो गई हैं और अपशिष्ट का भी भंडार जमा है। यह स्थिति प्रवासी पक्षियों के अनुकूल नहीं है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
संबंधित ख़बरें