Image Loading
मंगलवार, 28 फरवरी, 2017 | 06:22 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल के ठेके में लागू होगा आरक्षण, ये होंगे नए नियम
  • मेरठ में पीएनबी के एटीएम से निकला 2000 रुपये का नकली नोट, RBI मुख्यालय को भेजी गई पूरी...
  • यूपी चुनाव: पांचवें चरण में पांच बजे तक लगभग 57.36 प्रतिशत हुआ मतदान
  • गोरखपुर की रैली मे राहुल गांधी बोले, उत्तर-प्रदेश को बदलने के लिए हुई अखिलेश से...
  • गोरखपुर की रैली मे अखिलेश यादव ने कहा, ये कुनबों का नहीं बल्कि दो युवा नेताओं का...
  • रिलायंस Jio को टक्कर देने के लिए Airtel ने किया रोमिंग फ्री का ऐलान
  • यूपी चुनाव: पांचवें चरण में 3 बजे तक 49.19 फीसदी वोटिंग, पढ़ें पूरी खबर
  • चुनाव प्रचार के लिए जेल से बहार नहीं जा पाएंगे बसपा नेता मुख्तार अंसारी। दिल्ली...

खगोलविद ने खारिज की 21 दिसंबर को प्रलय की भविष्यवाणी

कोलकाता, एजेंसी First Published:18-12-2012 02:35:33 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
खगोलविद ने खारिज की 21 दिसंबर को प्रलय की भविष्यवाणी

प्रसिद्ध खगोलविद डीपी दुरई ने 21 दिसंबर को दुनिया के खात्मे की भविष्यवाणी को महज अफवाह करार देते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगला शुक्रवार भी एक सामान्य दिन होगा।

नासा के शिक्षाविद और एमपी बिरला तारामंडल के निदेशक दुरई ने कहा कि 21 दिसंबर को कुछ अलग माना जाएगा, क्योंकि यह शीत संक्रांति का दिन होगा और दुनिया इस दिन खत्म नहीं होने वाली।

उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर 2012 भी एक अन्य सामान्य दिन ही होगा। इसकी खासियत बस इतनी होगी कि इस दिन शीत संक्रांति होगी। इस अवसर पर सूर्य आकाश में दक्षिणतम बिंदू पर होगा और दिन की लंबाई सबसे छोटी होगी।

दुरैई ने कहा कि प्रलय की ये कहानियां इंटरनेट और सोशल नेट्वर्किंग साइट के जरिए हाल के हफ्तों में दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं और भारत भी इनसे कुछ अछूता नहीं है।

दुनिया भर में फैली इस अफवाह के बारे में खगोलविद ने कहा कि इस अफवाह के पीछे कई लोगों का यह यकीन है कि लातिन अमेरिका की माया सभ्यता के कैलेंडर में 21 दिसंबर 2012 को अंतिम दिन के रूप में दर्शाया गया है और इसके बाद धरती पर जीवन चक्र खत्म हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि धरती के नष्ट होने के बारे कई अन्य सिद्धांत भी प्रचलन में हैं। उनमें से एक यह है कि धरती और निबुरू नामक सौरमंडल के एक ग्रह के बीच की टक्कर से यह नष्ट होगी। यह सौरमंडल अब तक खोजा नहीं जा सका है।

उन्होंने कहा कि खगोलविदों ने दूरबीनें और अंतरिक्ष संसूचकों की मदद से सौरमंडल का व्यापक सर्वेक्षण किया है। हमारे सौरमंडल में ऐसी कोई चीज नहीं मिली है, जिसे हम परिकल्पित एक्स ग्रह या निबुरू कह सकें। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2012 में पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की ध्रुवीयता के उल्टे हो जाने और सौर उच्चिष्ठता होने के दावे के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

उन्होंने अन्य खगोलविदों के हवाले से कहा कि इस बार सौर उच्चिष्ठता में ज्यादा प्रबलता नहीं होगी, इसलिए भूचुंबकीय क्षेत्र में किसी गड़बड़ी की आशंका नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बात तय मानिए कि एक प्रबल सौर तूफान पृथ्वी की चुंबकीय ध्रुवीयता को उल्टा नहीं कर सकता।

दुरई ने कहा कि एक अन्य सिद्धांत में पृथ्वी, सूर्य और पृथ्वी की आकाशगंगाओं के केंद्र के एक ऐसे दुर्लभ संक्रेंद्रण की बात कही गई है, जो बहुत ज्यादा गुरुत्वीय अस्थिरता पैदा कर देगा। लेकिन अभी तक ऐसी किसी व्यवस्था की खोज नहीं की जा सकी है।

इसे विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि हर साल में एक बार पृथ्वी, सूर्य और आकाशगंगाओं केंद्र लगभग एक सीधी रेखा में आते हैं, लेकिन इससे सूर्य के चारों ओर पृथ्वी या आकाशगंगाओं के चारों ओर सूर्य की गति की व्यवस्था में कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने यह भी कहा कि 1998 में ऐसी व्यवस्था एक बार बन चुकी है। ऐसा फिलहाल दोबारा नहीं होने जा रहा, इसलिए ऐसे किसी संरेक्षण से पृथ्वी के नष्ट होने की घटना भी बिल्कुल असंभव है। दुरई ने आगे कहा कि माया कलैंडर के द्वारा दर्शाया गया 21 दिसंबर 2012 दुनिया के अंत का दिन नहीं है। इसकी बजाय यह माया सभ्यता के लोगों के अनुसार एक युग का अंत है, जो कि 5,125 वर्षों के अंतराल या 13 बख्तुनों का था। एक बख्तुन लगभग 393 वर्षों का होता है।

उन्होंने बताया कि माया सभ्यता के लोग मानते थे कि 13 बख्तुन खत्म होने के बाद एक नया युग शुरू होगा। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए कुछ लोगों की ओर से 21 दिसंबर 2012 को धरती का आखिरी दिन बताने की बात को तो माया सभ्यता का भी समर्थन प्राप्त नहीं है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Jharkhand Board Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड