Image Loading
सोमवार, 27 मार्च, 2017 | 08:23 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • हिन्दुस्तान ओपिनियन: बिमटेक के डायरेक्टर हरिवंश चतुर्वेदी का विशेष लेख- पिछड़ता...
  • पंजाब: गुरदासपुर में BSF जवानों ने पहाड़ीपुर पोस्ट के पास एक पाकिस्तानी...
  • हेल्थ टिप्स: सीढ़ी चढ़ने से कम होता है हार्ट अटैक का खतरा, क्लिक कर पढ़ें
  • मौसम दिनभर: दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, पटना, रांची और लखनऊ में होगी तेज धूप।
  • ईपेपर हिन्दुस्तान: आज का समाचार पत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
  • आपका राशिफल: मिथुन राशि वालों के आय में वृद्धि होगी, अन्य राशियों का हाल जानने के...
  • सक्सेस मंत्र: अवसर जरूर द्वार खटखटाते हैं, बस पहचानना आना चाहिए, क्लिक कर पढ़ें
  • टॉप 10 न्यूज: कश्मीर में आतंक-PDP मंत्री के घर पर हमला, दो पुलिसकर्मी हुए घायल, अन्य...

अमेरिका में प्रथम हिंदू कांग्रेस सदस्य तुलसी गैबर्ड ने ली भगवद गीता की शपथ

वाशिंगटन, एजेंसी First Published:04-01-2013 10:16:13 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
अमेरिका में प्रथम हिंदू कांग्रेस सदस्य तुलसी गैबर्ड ने ली भगवद गीता की शपथ

अमेरिका में कांग्रेस के लिए निर्वाचित पहली हिंदू तुलसी गैबर्ड ने पवित्र भगवद गीता पर हाथ रखकर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। तुलसी (31) को प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बोहनर ने शपथ दिलाई। वह गीता की शपथ लेने वाली पहली अमेरिकी कांग्रेस सदस्य हैं।

शपथ लेने के बाद तुलसी ने कहा कि मैंने भगवद गीता की अपनी निजी प्रति के साथ शपथ लेने का फैसला किया, क्योंकि गीता से मुझे जनसेवक नेता बनने का प्रयास करने की प्रेरणा मिली है।

उन्होंने कहा कि मेरी जिंदगी की कई कठिन चुनौतियों के दौरान गीता आंतरिक शांति एवं शक्ति का बड़ा स्रोत रही है। इन चुनौतियों में पश्चिम एशिया संकट के समय मेरी तैनाती भी शामिल है।

तुलसी ने कहा कि मैं बहुनस्ली, बहुसांस्कतिक और बहुधर्मीय परिवार में पली-बढ़ी हूं। मेरी मां हिंदू हैं और पिता कैथोलिक है। मैंने किशोरावस्था से ही आध्यात्मिकता के सवालों से जूझना शुरू कर दिया था।

हवाई से चुनी गईं तुलसी ने कहा कि समय के साथ मुझे यह विश्वास हुआ कि धर्म हमें जीना सिखाने के साथ ही जिंदगी में बड़े लक्ष्य का उद्देश्य देता है। उनके पिता माइक गैबर्ड हवाई प्रांत के सीनेटर हैं, जबकि मां कैरोल पोर्टर गैबर्ड शिक्षाविद एवं उद्यमी हैं।

महज 21 साल की उम्र में तुलसी हवाई की स्थायी विधायिका के लिए चुनी गई थीं। 28 साल की उम्र में उन्हें कुवैत आर्मी नेशनल गार्ड की ओर से एक अवार्ड दिया गया।

इससे पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में तुलसी ने प्रतिनिधि सभा की डेमोक्रेट नेता नैंसी पेलोसी की मौजूदगी में संबोधन दिया था।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड