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'अमरनाथ यात्रा के रास्ते में पक्की सड़क नहीं'

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:16-12-2012 04:01:28 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
'अमरनाथ यात्रा के रास्ते में पक्की सड़क नहीं'

हाल ही में पैदा हुए विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि सालाना अमरनाथ यात्रा के रास्ते में वाहनों के आवागमन के लायक कोई पक्की सड़क नहीं बनायी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 दिसंबर के अपने फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि उसका आदेश यह सुनिश्चित करने के लिए था कि कश्मीर घाटी में हर साल जुलाई अगस्त में होने वाली 30 दिन की सालाना तीर्थयात्रा के दौरान कोई तीर्थयात्री हताहत नहीं हों।

न्यायमूर्ति बीएस चौहान और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार के इस फैसले से पाकिस्तान समर्थक नेता सैयद अली शाह गिलानी सहित कट्टरपंथी अलगाववादियों के अभियान की हवा निकल गयी है जो दावा कर रहे थे कि स्थायी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बालताल, पंचतरणी और चंदनवाड़म्मी जैसे अन्य स्थानों से पैदल जाने वाले मार्गों में पूर्व निर्मित सीमेंट टाइल या ऐसी अन्य सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। एसएचपीसी की राय में ऐसा किया जाना तीर्थयात्रियों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा।

शीर्ष अदालत ने कहा कि पर्यावरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हमने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है और न ही यह समक्षा जाना चाहिए कि पैदल चलने वाले रास्ते के स्थान पर पक्की सड़की हों। न्यायालय ने कहा कि पैदल यात्रियों, पालकी और घोड़ों के लिए अलग-अलग रास्ते बनाये जायें।

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