Image Loading
रविवार, 04 दिसम्बर, 2016 | 19:44 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • जल्द आएंगे 50 और 20 रुपये के नए नोटः आरबीआई
  • भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हरा कर महिला एशिया कप टी-20 का खिताब जीता
  • ओडिशाः संबलपुर में 14 करोड़ 2 लाख 91 हजार पुराने और 85 लाख 62 हजार रुपये के नए नोट के साथ...
  • HeartofAsia : अफगानिस्तान और इस क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की पहचान करनी...
  • HeartofAsia में बोले पीएम मोदी, अमृतसर का अफगानिस्तान की धरती से रिश्ता है, वहां शांति...
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी के बीच...
  • क्या आप डोरिस फ्रांसिस को जानते हैं, नहीं तो क्लिक कर पढ़ें शशि शेखर का विशेष...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली, लखनऊ, देहरादून और पटना में धुंध रहने का अनुमान है, रांची में...
  • वीरू के बर्थडे ट्वीट के बाद कैफ ने उनको ऐसे किया TROLL, खेल की टॉप 5 खबरें पढ़ने के लिए...
  • भविष्यफल: कन्या राशिवालों का पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। अन्य राशियों का हाल...
  • हेल्थ टिप्स: प्रदूषित हवा में रहते हैं तो डाइट में अपनाएं ये चीजें, रहेंगे...
  • अंडमान द्वीप समूह में 4.8 तीव्रता का भूकंप, किसी नुकसान की खबर नहीं।
  • GOOD MORNING: 13860 करोड़ के कालेधन का खुलासा करने वाला महेश शाह गिरफ्तार, असम राइफल्स पर...
  • 13000 करोड़ की सम्पति का खुलासा करने वाले गुजरात के कारोबारी महेश शाह को हिरासत में...

रिहा भारतीय मूल के डॉक्टर ने जताया आभार

वॉशिंगटन, एजेंसी First Published:22-12-2012 11:45:39 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
रिहा भारतीय मूल के डॉक्टर ने जताया आभार

एक जोखिम भरे अभियान के तहत अफगानिस्तान में तालिबान के चुंगल से छुड़ाए गए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर दिलीप जोसेफ ने, अपनी जान बचाने के लिए अमेरिका और अफगान बलों का आभार जताया।

कोलोराडो स्थित अपने घर लौटने के बाद जोसेफ ने एक बयान में कहा कि मैं अमेरिकी और अफगान बलों का आभार जताना चाहता हूं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर मुझे बचाया।

उन्होंने कहा कि मैं उनकी तरीफ करना चाहता हूं और इस अभियान की सफलता के लिए उनके एक जवान के बलिदान के महत्व की सराहना करता हूं। इस सेवा, प्रतिबद्धता और साहस के लिए मेरी संवेदनाएं उस नायक के परिवार के साथ हैं। मेरे लिए, अपने परिवार के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए वह एक विरासत के रूप में मौजूद रहेंगे।

जोसेफ ने कहा कि मैं पिछले कई साल से अफगानिस्तान जाता रहा हूं ताकि वहां के लोगों के लिए काम कर सकूं। अभी भी अफगानिस्तान के लिए मेरे दिल में बहुत सम्मान है और मैं वहां शांति और स्थिरता की कामना करता रहूंगा।

जोसेफ अफगानिस्तान में एक अमेरिकी गैर सरकारी संगठन के चिकित्सा केंद्र में स्थानीय डाक्टरों और दाइयों को शिक्षित करने और तैयार करने का काम कर रहे थे। तालिबान ने गत पांच दिसंबर को दो और सहयोगियों के साथ उनका अपहरण कर लिया था। उनके सहयोगियों को अपहरणकर्ताओं ने बातचीत के बाद तीन दिनों के भीतर रिहा कर दिया था।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Rupees
क्रिकेट स्कोरबोर्ड