Image Loading
मंगलवार, 28 मार्च, 2017 | 01:59 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पढ़ें रात 11 बजे की टॉप खबरें, शुभरात्रि
  • आपकी अंकराशि: क्लिक करें और पढ़ें कैसा रहेगा आपका कल का दिन
  • प्राइम टाइम न्यूज़: पढ़े अब तक की 10 बड़ी खबरें
  • नवरात्रि विशेष: नवरात्रि 28 मार्च से, पढ़ें इससे जुड़ी 10 खबरें
  • बच्चों को लेकर छलका करण का दर्द, पेरेंट्स को दी ये सलाह, यहां पढ़ें बॉलीवुड की 10...
  • हिन्दुस्तान Jobs: AIIMS पटना में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर होंगी नियुक्तियां,...
  • उत्तर-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी को पार्टी के...
  • PM मोदी के गवर्नेंस मॉडल पर चल रहे हैं CM योगी, पढ़ें राज्यों से अब तक की 10 बड़ी ख़बरें
  • टॉप 10 न्यूज़: Video में देखें, शाम 6 बजे तक की देश की बड़ी खबरें
  • उत्तराखंड सरकार ने भूमि अधिग्रहण में हुए करीब 270 करेाड़ रुपये के घोटाले की...
  • INDvsAUS: तीसरे दिन का खेल खत्म, भारत को जीत के लिए 87 रन की जरूरत

कांग्रेस के रवैये से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में रोष

कोच्चि, एजेंसी First Published:31-12-2012 03:05:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

गुजरात विधानसभा चुनावों में अपने प्रति कांग्रेस के बर्ताव से नाराज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वर्ष 2014 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में संप्रग के साथ गठबंधन पर उसे दोबारा सोचना होगा।

गुजरात चुनावों के बारे में रांकपा के अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि हालांकि उनकी पार्टी को नौ सीटें आवंटित की गई थीं, लेकिन कांग्रेस ने उनमें से पांच पर अपने ही प्रत्याशी उतार दिए और बाकी बची सीटों पर कांग्रेस के बागियों ने चुनाव लड़ा।

उन्होंने कहा कि साथ काम करने का यह तरीका नहीं होता। यही वजह है कि गुजरात में भाजपा सत्ता में आई। हमें साथ काम करना चाहिए और इसके लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता जरूरी है। अगर ऐसी ही नीति जारी रहती है तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन के बारे में हमें गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कल पवार ने कहा कि रांकपा ऐसे किसी भी नए कानून का समर्थन करेगी, जो महिलाओं पर अत्याचार करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की सिफारिश करता हो।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है कि खेती योग्य जमीन को गैर-कृषि कार्यों के लिए रूपांतरित न किया जाए। आगे उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के संशोधन के लिए विधेयक को संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

इस संशोधन में मांग की गई है कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, उन्हें बाजार की कीमत का 400 प्रतिशत दिया जाना चाहिए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी या 20 सालों का वेतन एकमुश्त दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केरल सरकार को नारियल खरीदने चाहिए, ताकि इसे पैदा करने वाले किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड