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कांग्रेस के रवैये से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में रोष

कोच्चि, एजेंसी First Published:31-12-2012 03:05:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

गुजरात विधानसभा चुनावों में अपने प्रति कांग्रेस के बर्ताव से नाराज राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वर्ष 2014 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में संप्रग के साथ गठबंधन पर उसे दोबारा सोचना होगा।

गुजरात चुनावों के बारे में रांकपा के अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि हालांकि उनकी पार्टी को नौ सीटें आवंटित की गई थीं, लेकिन कांग्रेस ने उनमें से पांच पर अपने ही प्रत्याशी उतार दिए और बाकी बची सीटों पर कांग्रेस के बागियों ने चुनाव लड़ा।

उन्होंने कहा कि साथ काम करने का यह तरीका नहीं होता। यही वजह है कि गुजरात में भाजपा सत्ता में आई। हमें साथ काम करना चाहिए और इसके लिए ईमानदारी और प्रतिबद्धता जरूरी है। अगर ऐसी ही नीति जारी रहती है तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन के बारे में हमें गंभीरता से पुनर्विचार करना होगा।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कल पवार ने कहा कि रांकपा ऐसे किसी भी नए कानून का समर्थन करेगी, जो महिलाओं पर अत्याचार करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की सिफारिश करता हो।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है कि खेती योग्य जमीन को गैर-कृषि कार्यों के लिए रूपांतरित न किया जाए। आगे उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून के संशोधन के लिए विधेयक को संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

इस संशोधन में मांग की गई है कि औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाती है, उन्हें बाजार की कीमत का 400 प्रतिशत दिया जाना चाहिए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को नौकरी या 20 सालों का वेतन एकमुश्त दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केरल सरकार को नारियल खरीदने चाहिए, ताकि इसे पैदा करने वाले किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।

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