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'दादा' पर दलों में आम सहमति!

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-05-2012 01:39:00 PMLast Updated:03-05-2012 01:57:57 PM
'दादा' पर दलों में आम सहमति!

रायसीना हिल्स की रेस में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी आगे निकलते दिख रहे हैं। लेफ्ट ने जहां उनके नाम पर सहमति दे दी है, वहीं सूत्रों के हिसाब से ममता बनर्जी ने भी हामी भर दी है।

लेफ्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि उनकी पार्टी को प्रणब मुखर्जी या हामिद अंसारी दोनों को राष्ट्रपति के रूप में समर्थन देने से कोई परहेज नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि देश का राष्ट्रपति आम सहमति से ही चुना जाना चाहिए।

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने भी साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति चुनाव में वह कांग्रेस का समर्थन करेगी और उसे प्रणब मुखर्जी या हामिद अंसारी के नाम पर कोई आपत्ति नहीं है। सूत्रों से मिली खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला सोनिया गांधी के ऊपर छोड़ सकती हैं।

हालांकि सूत्रों के मुताबिक ममता बनर्जी ने संकेत दिया है कि अगर प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया जाता है, तो उन्हें ज्यादा खुशी होगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज दिल्ली में हैं और उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से हो सकती है।

समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने भी कहा है कि राष्ट्रपति कोई राजनैतिक व्यक्ति ही बनना चाहिए। इसका सीधा मतलब यह लगाया जा रहा है कि मुलायम सिंह भी प्रणब मुखर्जी के नाम पर सहमत हो सकते हैं। यूपीए को राष्ट्रपति चुनाव में समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस का समर्थन बेहद जरूरी है।

सूत्रों का मानना है कि अभी अपने उम्मीदवार पर अड़े मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी भी प्रणब दा के नाम पर सहमत हो सकती है। ऐसे में उपराष्ट्रपति का पद एनडीए के किसी उम्मीदवार को दिया जा सकता है।

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