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हैप्पी न्यू ईयर

परिणय कुमार First Published:01-01-2013 04:19:24 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
हैप्पी न्यू ईयर

न्यू ईयर का नाम सुनते ही तुम खुशी से कैसे उछल जाते हो। कितने लंबे समय से इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हो। क्यूं और कैसे मनाया जाता है न्यू ईयर? क्या है न्यू ईयर सेलिब्रेशन का इतिहास और क्या हैं मान्यताएं? इन सबसे रूबरू करा रहे हैं परिणय कुमार

1 जनवरी को ही क्यूं मनाते हैं न्यू ईयर
वैसे तो अलग-अलग धर्म-संप्रदाय और देशों में कई अलग-अलग दिनों में नया साल मनाया जाता है, लेकिन 1 जनवरी इकलौता ऐसा दिन है, जिसे विश्व के ज्यादातर देशों के सभी जाति-धर्म के लोग मिल कर एक साथ सेलिब्रेट करते हैं। दरअसल ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी से नए साल की शुरुआत होती है, इसलिए इस दिन न्यू ईयर फेस्टिवल मनाया जाता है। तुम्हें पता है, विश्व के अधिकांश देशों में ग्रेगेरियन कैलेंडर को ही माना जाता है। अपने देश भारत में भी इसे माना जाता है। ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार ही साल में 12 महीने (जनवरी से दिसंबर तक) और 365 दिन होते हैं।

यूं शुरुआत हुई न्यू ईयर सेलिब्रेशन की
तुम अक्सर सोचते हो न कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन कब शुरू हुआ, इसे 1 जनवरी को ही क्यूं मनाया जाता है? चलो, आज हम तुम्हारे इस कन्फ्यूजन को भी दूर कर देते हैं। जानते हो, न्यू ईयर सेलिब्रेशन के इतिहास को लेकर कोई एकमत नहीं है। अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग मान्यताएं है। ऐसा माना जाता है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन दुनिया का सबसे पुराना सेलिब्रेशन फेस्टिवल है। लगभग 4,000 वर्ष पूर्व प्राचीन बेबिलोन में इसकी शुरुआत हुई थी। लेकिन उस वक्त यह मार्च महीने में सेलिब्रेट किया जाता था। रोमन कैलेंडर के अनुसार भी 1 मार्च को ही नया साल मनाया जाता था। मेसोपोटामिया में न्यू ईयर सेलिब्रेशन की शुरुआत दो हजार ईसा पूर्व हुई थी। शुरुआत में विश्व की कई जगहों पर 1 मार्च को न्यू ईयर मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें बदलाव आते चले गए। 46 ईसा पूर्व में जूलियस सीजर ने सौर-ऊर्जा आधारित कैलेंडर की शुरुआत की और
1 जनवरी को साल का पहला दिन माना, तब से 1 जनवरी को न्यू ईयर मनाया जा रहा है। कुछ इतिहासकारों के अनुसार, सन 1582 में पोप ग्रेगरी तेरहवें ने ग्रेगेरियन कैलेंडर की शुरुआत की, जिसके मुताबिक 1 जनवरी से साल शुरू होता है। पोप द्वारा ग्रेगेरियन कैलेंडर शुरू करते ही यूरोप में इसे तुरंत मान लिया गया और 1 जनवरी को न्यू ईयर के रूप में सेलिब्रेट करना शुरू कर दिया गया। इसके बाद 1752 में यूनाइटेड किंगडम और यूनाइटेड स्टेट्स (अमेरिका) में भी यह सेलिब्रेट किया जाने लगा। इसके बाद से धीरे-धीरे पूरे विश्व में ग्रेगेरियन कैलेंडर को स्वीकार करते हुए 1 जनवरी को नया साल मनाया जाने लगा।

क्या करते हैं इस दिन
तुम्हें तो पता होगा ही कि इस दिन क्या किया जाता है। न्यू ईयर मतलब सेलिब्रेशन का दिन। जम कर मस्ती और धूम मचाने का दिन। सभी जगहों पर लोग समूह में इकट्ठे होकर इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं। इस दिन लोग सभी तरह की एक्टिविटी करते हैं। डांसिंग, सिंगिंग, कई तरह के गेम खेलते हैं, पार्टी करते हैं। और हां, सबसे इम्पॉर्टेट बात तो तुम्हें पता होगी ही। बिल्कुल सही सोच रहे हो! न्यू ईयर पर सभी को हैप्पी न्यू ईयर विश करना। न्यू ईयर विश करने के लिए पहले लोग ग्रीटिंग्स कार्ड भेजते थे, लेकिन अब इनकी जगह एसएमएस और ईमेल ने ले ली है। सामने होने पर तो गले मिल कर हम हैप्पी न्यू ईयर विश करते हैं, लेकिन अगर सामने न हो तो फोन, मैसेज या मेल के जरिए हम अपनों को विश करते हैं।

इस दिन बॉलीवुड-हॉलीवुड के सेलिब्रिटी लाइव कंसर्ट करते हैं। गली-मुहल्लों में भी कई तरह के कल्चरल और ग्रुप प्रोग्राम आयोजित किए जाते हैं।

अच्छा करोगे तो पूरे साल सब होगा अच्छा
ऐसा माना जाता है कि न्यू ईयर में जैसा काम करोगे, पूरे साल वैसा ही होगा। अगर इस दिन तुम हंसते-मुस्कुराते रहोगे तो पूरे साल तुम्हारे चेहरे पर मुस्कान कामय रहेगी, इसलिए इस बात का खास ख्याल रखना कि इस दिन तुम्हें रोना नहीं है। किसी भी बात को लेकर नाराज नहीं होना और झगड़ा तो भूल कर भी किसी से नहीं करना। सेलिब्रेशन जरूर करना, लेकिन उसके साथ ही पढ़ने के लिए कुछ वक्त जरूर निकाल लेना। अगर इस दिन तुम अच्छे से पढ़ाई करोगे तो पूरे साल तुम्हारा मन पढ़ने में लगा रहेगा और एग्जाम में तुम्हारे काफी अच्छे नम्बर आएंगे। बड़ों का जरूर आशीर्वाद लेना और हो सके तो कुछ जरूरतमंद बच्चों की मदद भी करना।

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