Image Loading
सोमवार, 24 अप्रैल, 2017 | 22:26 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • IPL10 #MIvRPS: 5 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर 35/1, बटलर हुए आउट। लाइव कमेंट्री और स्कोरकार्ड के...
  • IPL10 #MIvRPS: पुणे ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 161 रनों का टारगेट
  • आपकी अंकराशि: 6 मूलांक वाले कल न लें जोखिम भरे मामलों में निर्णय, जानिए कैसा रहेगा...
  • प्राइम टाइम न्यूज़: पढ़े देश और विदेश की आज की 10 बड़ी खबरें
  • IPL10 #MIvRPS: 10 ओवर के बाद पुणे का स्कोर 84/1, रहाणे हुए आउट। लाइव कमेंट्री और स्कोरकार्ड के...
  • धर्म नक्षत्र: फेंगशुई TIPS: घर को सजाएं इन फूलों से, भरा रहेगा घर पैसों से, पढ़ें...
  • IPL10 MIvRPS: 6 ओवर के बाद पुणे का स्कोर 48/0, क्रीज पर रहाणे-त्रिपाठी। लाइव कमेंट्री और...
  • रिश्ते में दरार: सलमान-यूलिया के बीच बड़ा झगड़ा, वजह जान चौंक जाएंगे, यहां पढ़े...
  • IPL10 #MIvRPS: मुंबई ने जीता टॉस, पहले फील्डिंग करने का लिया फैसला
  • हिन्दुस्तान Jobs: देना बैंक में भर्ती होंगे 16 सिक्योरिटी मैनेजर, सैलरी 45,950 तक, पढ़ें...
  • SC का आदेश: यूपी में हर साल 30 हजार कांस्टेबल की हो भर्ती, पढ़ें राज्यों से अब तक की 10...
  • छत्तीसगढ़: नक्सलियों के साथ हुए एनकाउंटर में CRPF के 11 जवान शहीद
  • सुप्रीम कोर्ट ने यूपी में 3,200 सब इंस्पेक्टर व 30000 कांस्टेबल हर साल भर्ती करने का...

...यहां 2 घंटे में भरता है एक घड़ा पानी

चणास्मा, एजेंसी First Published:12-12-2012 10:57:56 AMLast Updated:12-12-2012 11:02:55 AM
...यहां 2 घंटे में भरता है एक घड़ा पानी

गुजरात के पाटन जिले में एक पंचायत है सुणसर। इस पंचायत में आने वाले चार गांव ऐसे हैं जहां मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के तमाम दावे खोखले और साबित होते हैं। यहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए हैं। खेतों में पानी नहीं है, लेकिन ओएनजीसी यहां के खेतों से तेल जरूर निकालती है।

पानी की समस्या का आलम यह है कि पीने के पानी के लिए दो घंटे की मशक्कत के बाद एक घड़ा पानी नसीब हो पाता है और घर के अन्य काम तथा खेत के लिए तो पानी तीन किलोमीटर दूर बने तालाबों से पाइप के जरिये लाया जाता है।

पंचायत के गांव अम्बलीपुरा गांव की स्मिता बेन अपने दो बच्चों के साथ एक कुएं से प्लास्टिक के पांच लीटर वाले गैलन में रस्सी बांधकर पानी निकाल रही थी। कुएं में झांककर देखने पर पानी कहीं नजर नहीं आता। नजर आते हैं तो कुछ छोटे-छोटे गड्ढे जिनमें रिस-रिस कर पानी जमा होता है और स्मिता के बच्चे उससे पानी निकालते हैं और वह खुद उन्हें घड़े में भरती है।

यह पूछने पर कि कितनी देर में उनका यह घड़ा भर जाता है, वह बताती है कि हम 10.30 बजे आए थे। लगभग 12 बज गए होंगे और घड़ा आधे से अधिक ही भरा है। उसे जब पता चलता है कि उसकी बातचीत दिल्ली के छापा वालों (पत्रकारों) से हो रही है तो वह अपना दुखड़ा सुनाना शुरू करती है। वह कहती है कि कुछ कीजिए आप लोग। पानी की बड़ी समस्या है यहां। दो घंटे की मशक्कत के बाद एक घड़ा पानी भरता है। वह भी पीने लायक नहीं होता। दिन पानी भरने में ही गुजर जाता है। बाकी काम के लिए फिर समय कहां बचता है।

कुएं के बगल में एक बड़ा सा तालाब है। वह भी सूखा पड़ा है। सड़क किनारे तालाब पर गांव वाले एक मंदिर बना रहे हैं। मंदिर बनाने के लिए तीन किलोमीटर तालाब से पाइप के जरिये पानी लाया जाता है और फिर ईंट दर ईंट मंदिर का निर्माण हो रहा है। गांव के ही 35 वर्षीय कीर्ति एम धाला बताते हैं कि यह मातृ मां का मंदिर बन रहा है। तालाब और कुएं सूखे हुए हैं। हम मंदिर बना रहे हैं ताकि हमें मां के आर्शीवाद से पानी मिले। हम गुजरातियों में देवी-देवताओं के प्रति आस्था बहुत होती है। हमें अपनी सरकारों पर नहीं, देवताओं पर भरोसा है।

वह कहते हैं कि पीने को पानी नहीं है, खेतों में तीन किलोमीटर दूर बेचराजी के तालाब से पानी लाना पड़ता है। घर की महिलाएं नहाने के लिए इन तालाबों तक जाती हैं। सड़क किनारे मिलने वालों तालाबों के निकट ऐसे दृश्य आसानी से देखे जा सकते हैं, वहीं दूसरी ओर खेतों से ओनजीसी के मशीनों को जगह-जगह तेल निकालते भी देखा जा सकता है।

धाला बताते हैं कि यह विडंबना ही है कि निकालने को तेल है, लेकिन पीने को पानी। कैसा विकास है ये। वह कहते हैं कि शुक्र है कि ओएनजीसी का संयंत्र लग गया तो यहां की सड़कें बन गई हैं। तेल निकालने के दौरान निकलने वाला पानी भी जमा कर हम अपना काम चला लेते हैं।

सुणसर पंचायत में सुणसर, अम्बलीपुरा, लक्ष्मीपुरा और पेटापुरा गांव है। पंचायत प्रमुख चमनजी दरबार ने कहा कि मोदी सरकार शहरों में और बड़े-बड़े बिल्डरों का काम करती है। किसानों को कौन पूछता है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड