Image Loading
सोमवार, 26 सितम्बर, 2016 | 19:23 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • सयुंक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिंदी में भाषण शुरू किया
  • अमेरिका: हयूस्टन के एक मॉल में गोलीबारी, कई लोग घायल, संदिग्ध मारा गया: अमेरिकी...
  • सिंधु जल समझौते पर सख्त हुई सरकार, पाकिस्तान को पानी रोका जा सकता है: TV Reports
  • सेंसेक्स 373.94 अंकों की गिरावट के साथ 28294.28 पर हुआ बंद
  • जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में ग्रेनेड हमला, CRPF के पांच जवान घायल
  • सीतापुर में रोड शो के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर जूता फेंका गया।
  • कानपुर टेस्ट जीत भारत ने पाकिस्तान से छीना नंबर-1 का ताज
  • KANPUR TEST: भारत ने जीता 500वां टेस्ट मैच, अश्विन ने झटके छह विकेट
  • 'ANTI-INDIAN TWEETS' करने पर PAK एक्टर मार्क अनवर को ब्रिटिश सीरियल से बाहर कर दिया गया। ऐसी ही...
  • इसरो का बड़ा मिशन: श्रीहरिकोटा से PSLV-35 आठ उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष के लिए हुआ...
  • सुबह की शुरुआत करने से पहले पढ़िए अपना भविष्यफल, जानें आज का दिन आपके लिए कैसा...
  • हिन्दुस्तान सुविचार: मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता , समानता और ...

चेहरे से नहीं शरीर से झलकती हैं आपकी भावनाएं

लंदन, एजेंसी First Published:30-11-2012 03:03:26 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
चेहरे से नहीं शरीर से झलकती हैं आपकी भावनाएं

कहा जाता है कि आपका चेहरा आपकी सोच का आईना होता है, लेकिन एक नए अध्ययन के शोधकर्ताओं की मानें तो आपका चेहरा नहीं, बल्कि आपका शरीर यह दर्शाता है कि आपके मन में चल क्या रहा है।

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, जब पुरुषों और महिलाओं को कुछ अन्य व्यक्तियों के सिर से कंधे तक की तस्वीरें देकर उनके हावभाव को पहचानने का काम दिया गया तो वे ऐसा नहीं कर पाए, लेकिन जब उन्हें उस व्यक्ति की पूरी तस्वीर दी गई तो वे इसे बेहतर ढंग से कर पाए।

इस्राइली और अमेरिकी शोधकर्ताओं ने लोगों को एंडी मरे और राफेल नाडाल समेत कई टेनिस खिलाड़ियों की तस्वीरें दिखाईं। ये लोग विंबल्डन में अंकों की बढ़त होने पर जीत और अंकों में गिरावट आने पर हार का सामना कर चुके हैं। सिर्फ चेहरों की तस्वीरें देने पर लोग विजेताओं को हारने वालों से अलग नहीं कर पाए थे।

हालांकि जब उन्हें ऐसी तस्वीरें दी गईं, जिनमें चेहरे के साथ शरीर भी था, या फिर सिर्फ शरीर ही था तो उनसे वे आसानी से विजेताओं को पहचान पाए। विजेताओं की पहचान में खिलाड़ियों के हाथ अहम भूमिका निभाते हैं। खिलाड़ियों की भिंची हुई मुट्ठी उनकी जीत को दर्शाती है और उनकी बाहर की ओर खुली हुई उंगलियां हार की कहानी कहती हैं।

अपने इस प्रयोग को और विस्तार देने के लिए लोगों को अलग-अलग हावभावों वाले लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं। इनमें अपने घर का नया रूप देखकर हुई खुशी से लेकर अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद हुआ दुख तक शामिल था।

इस बार भी जब लोगों को सिर्फ चेहरों की तस्वीरें दिखाई गईं तो वे इन हावभावों को पहचान नहीं पाए। अधिकतर बार तो उन्होंने खुशी के भावों को दुख के भावों से भी ज्यादा नकारात्मक समझ लिया।

इसे और विस्तार देते हुए उन्होंने नकली तस्वीरें तैयार कीं। जहां खुश चेहरे को दुखी शरीर पर लगाया गया और दुखी चेहरे को खुश शरीर पर। तब जब लोगों को पहचानने के लिए ये तस्वीरें दी गईं तो शरीर के हावभाव को ही ज्यादा तवज्जो मिली। शोधकर्ताओं ने कहा कि हमारी भावनाएं बहुत तीव्र होती हैं। हमारे भावों को व्यक्त करने के लिए हमारे चेहरे की मांसपेशियां ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पातीं।

येरूशलम के हेब्रियू विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर हिलेल एवीजर ने कहा कि इस अध्ययन के परिणाम शोधकर्ताओं की यह जानने में मदद कर सकते हैं कि भावुक परिस्थितियों के दौरान शरीर और चेहरे के हावभाव आपस में कैसे तालमेल करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत सूक्ष्म भावों को पहचानने के लिए अभी भी चेहरों को पढ़ना महत्वपूर्ण है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड