Image Loading
गुरुवार, 23 मार्च, 2017 | 09:49 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • टॉप 10 न्यूज: लंदन हमले समेत पढ़ें 9 बजे तक देश-दुनिया की बड़ी खबरें
  • हेल्थ टिप्स- घी से बेहतर है बटर, झुर्रियों को करता है दूर
  • हिन्दुस्तान ओपिनियन: पढ़ें, आज के हिन्दुस्तान में इलाहाबाद हाईकोर्ट पूर्व...
  • मौसम दिनभर: दिल्ली-NCR, रांची, देहरादून और पटना में धूप निकलेगी, लखनऊ में हल्की धुंध...
  • ईपेपर हिन्दुस्तानः आज का हिन्दुस्तान अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें
  • आपका राशिफल: मेष राशिवालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी लेकिन आत्मसंयत रहें।...
  • सक्सेस मंत्र: 'थैंक यू पिताजी यह समझाने के लिए कि हम कितने गरीब हैं'
  • टॉप 10 न्यूज : देश-दुनिया की 10 बड़ी खबरें एक नजर में

गैंगरेप प्रत्यक्षदर्शी के आरोपों पर जांच रिपोर्ट 7 दिन में

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:08-01-2013 06:47:48 PMLast Updated:08-01-2013 07:04:17 PM
गैंगरेप प्रत्यक्षदर्शी के आरोपों पर जांच रिपोर्ट 7 दिन में

दिल्ली गैंगरेप की शिकार युवती के दोस्त द्वारा पुलिस के देर से आने, पीसीआर वैन के गैर जिम्मेदाराना बर्ताव सहित लगाये गये तमाम आरोपों की सरकार ने जांच का आदेश दे दिया है और सात दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव वीना कुमारी मीना आरोपों की जांच करेंगी। यह जानकारी मंत्रालय के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान तथ्यों का पता लगाया जाएगा और यदि कोई चूक हुई है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच अधिकारी को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सात दिन के भीतर सौंपने को कहा गया है।

अधिकारी के मुताबिक जांच में इस तथ्य का भी पता लगाया जाएगा कि जिस बस में 16 दिसंबर 2012 की रात वारदात हुई, पूर्व में दिल्ली पुलिस द्वारा कई बार चालान किये जाने के बावजूद वह सड़क पर कैसे परिचालन कर रही थी।

अधिकारी ने बताया कि संयुक्त सचिव यह पता लगाएंगी कि घटनास्थल पर पहुंचने में पीसीआर वैनों ने कितना वक्त लगाया। मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारक्षेत्र को लेकर क्या उन्होंने कार्रवाई में देरी की, यह भी जानने की कोशिश होगी। साथ ही यह जांच होगी कि क्या पीसीआर पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सभी आवश्यक कार्रवाई की या नहीं।

अधिकारी ने बताया कि जांच अधिकारी से यह जांच करने को भी कहा गया है कि बस के पंजीकरण को निरस्त किया गया था या नहीं। उसे जब्त किया जा सकता था या नहीं। यदि नहीं तो उसकी वजह क्या थी। अधिकारी ने बताया कि संयुक्त सचिव पीड़ितों की देखरेख करने या उनके उपचार में सफदरजंग अस्पताल के कर्मचारियों के भूमिका की जांच करेंगी।

उन्होंने बताया कि एक महिला रिपोर्टर द्वारा 100 नंबर की आपातकालीन हेल्पलाइन मिलाये जाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिलने संबंधी हाल की अखबारी खबर पर भी गौर किया जाएगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड