Image Loading
गुरुवार, 29 सितम्बर, 2016 | 10:30 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • करीना कपूर ने किया अपने बारे में एक बड़ा खुलासा, इसके अलावा पढ़ें बॉलीवुड जगत की...
  • बाजार अपडेटः 168 अंकों की तेजी के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 28,454 पर। निफ्टी भी 47...
  • पुजारा को लेकर अलग-अलग है कोच कुंबले और कोहली की सोच, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और...
  • कर्क राशि वालों का आज का दिन भाग्यशाली साबित होगा, जानिए आपके सितारे क्या कह रहे...
  • वेटर, बस कंडक्टर से बने सुपरस्टार, क्या आपमें है ऐसा कॉन्फिडेंस? पढ़ें ये सक्सेस...
  • सवालों के घेरे में सीबीआई, रेल कर्मचारियों को सरकार का बड़ा तोहफा, सुबह की 5 खास...

भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में रेल विभाग शीर्ष पर

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:19-12-2012 02:52:25 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में रेल विभाग शीर्ष पर

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पिछले साल रेल विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की 8,800 से अधिक शिकायतें मिलीं।

सीवीसी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि रेल विभाग के खिलाफ 8,805 शिकायतें आईं तो बैंकों के कर्मचारियों के खिलाफ 8,430 और आयकर विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध 5,026 शिकायतें मिलीं। दिल्ली सरकार के लोगों के खिलाफ 4,783 और शहरी विकास विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ 3,921 शिकायतें आईं।

ये सभी शिकायतें साल 2011 में मिलीं। सीवीसी को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ 2,960 शिकायतें और दूरसंचार विभाग के खिलाफ 1,918 मिलीं।

इसी तरह पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ 1,877, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के अधिकारियों के खिलाफ 1,544 और सीमा एवं उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों के खिलाफ 1,296 शिकायतें आईं।

सीवीसी ने हाल ही में संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने में विलंब हुआ है। उसने कहा कि सतर्कता मामलों को आगे बढ़ाने में देरी एक बड़ा मुददा है। शिकायतों को लाने और संबंधित अधिकारियों की ओर से फैसला करने में विलंब होता है।

साल 2011 की सीवीसी की इस वार्षिक रिपोर्ट में राष्ट्रमंडल खेलों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी जांच का जिक्र नहीं किया गया है। उसने कहा कि संबंधित विभागों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों को दी गई 1,406 शिकायतों से जुड़ी जांच रिपोर्ट अब भी उन्हीं के पास लंबित हैं।

सीवीसी के अनुसार दिल्ली सरकार के पास सबसे अधिक 182 जांच एवं उससे जुड़ी रिपोर्ट लंबित है। इसी तरह दिल्ली नगर निगम के 156, दिल्ली विकास प्राधिकरण के पास 49, रक्षा मंत्रालय के पास 48 और भारत संचार निगम लिमिटेड के पास भी 48 मामले जांच के लिए लंबित हैं।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड