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क्योटो प्रोटोकॉल की मियाद बढ़ाने का आह्वान

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:03-12-2012 02:11:53 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
क्योटो प्रोटोकॉल की मियाद बढ़ाने का आह्वान

दोहा जलवायु वार्ता के प्रथम सप्ताह में क्योटो प्रोटोकॉल की मियाद बढ़ाने के मुद्दे पर कोई सफलता हासिल न होने के बाद भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सोमवार को क्योटो प्रोटोकॉल की दूसरी प्रतिबद्धता अवधि बढ़ाने और लक्ष्यों को 'निर्धारित उत्सर्जन सीमा और कटौती के उद्देश्यों' (क्यूईएलआरओ) में परिवर्तित करने के मुद्दों को सुलझाने का आह्वान किया।

क्योटो प्रोटोकाल, दुनिया की एक मात्र कानूनी रूप से बाध्यकारी व्यवस्था है जो विकसित देशों द्वारा उत्सर्जन में कटौती को सुनिश्चित कराती है। ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र का जलवायु परिवर्तन सम्मेलन कतर के दोहा में 26 नवम्बर से शुरू है, जो सात दिसम्बर तक चलेगा।

पिछले सप्ताह सम्मेलन में कोई सफलता हासिल नहीं हुई। लेकिन इस सप्ताह कुछ सफलता हाथ लगने की सम्भावना है, क्योंकि सोमवार से कई मंत्री वार्ता में शामिल हो रहे हैं।

सीआईआई ने भी दो दिसम्बर से पांच दिसम्बर तक की अवधि के लिए दोहा में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा है। सीआईआई ने एक बयान में कहा है, ''क्योटो प्रोटोकाल के साथ ही वित्तपोषण के स्रेतों के बारे में स्पष्टता व विकासशील देशों के लिए उपलब्ध आर्थिक सहायता बढ़ाने से सम्बंधित निर्णय इस बैठक के प्रमुख परिणाम हो सकते हैं।''

बयान में कहा गया है, ''सरकारों ने उन निर्णयों के क्रियान्वयन के लिए तंत्र विकसित करने और उन्हें सक्रिय करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिन्हें डरबन (जलवायु वार्ता 2011) में लिया गया था। यह स्पष्टतौर पर अच्छी खबर है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि दोहा जलवायु वार्ता, अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन वार्ता में एक नए अध्याय को गति प्रदान करेगा।''

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