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CCI द्वारा ग्राहक समझौते में बदलाव से उठा विवाद

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:08-01-2013 04:22:06 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
CCI द्वारा ग्राहक समझौते में बदलाव से उठा विवाद

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा रीयल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ पर लगे 630 करोड़ रुपये के दंड मामले में कंपनी द्वारा ग्राहकों के साथ हुए कंपनी के समझौते में बदलाव से आयोग के क्षेत्राधिकार और रीयल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े दूसरे मामलों पर बहस शुरु हो गई है।

आयोग ने पिछले सप्ताह पूरक आदेश जारी किया था, ताकि डीएलएफ और उसके ग्राहक के बीच हुए समझौते में बदलाव किया जा सके। ऐसा प्रतिस्पर्धा अपीलीय पंचाट (कॉम्पैट) के निर्देश के बाद किया गया। कॉम्पैट डीएलएफ पर बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का बेजा लाभ उठाने के मामले में आयोग द्वारा लगाए गए मौद्रिक दंड और अन्य प्रतिबंध के खिलाफ कंपनी की अपील की सुनवाई कर रहा है।

हालांकि, कानूनी विशेषज्ञ और सीसीआई के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि कॉम्पैट को आदर्श समझौते में बदलाव पर फैसला करने से पहले क्षेत्राधिकार, संबद्ध बाजार, बाजार में मजबूत स्थिति और इसके बेजा इस्तेमाल जैसे मामले पर फैसला करना चाहिए।

सीसीआई के पूर्व अध्यक्ष विनोद ढ़ल के मुताबिक प्रतिस्पर्धा प्राधिकारों को आम तौर पर यह संकेत देने की जरूरत नहीं होती है कि कैसे किसी प्रतिस्पर्धारोधी समझौते में बदलाव किया जाना चाहिए। यह काम संबद्ध पक्षों का है।

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