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...हो गया पोंटिंग युग का अंत

पर्थ, एजेंसी First Published:03-12-2012 04:04:07 PMLast Updated:03-12-2012 04:18:52 PM
...हो गया पोंटिंग युग का अंत

ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटरों में से एक और पूर्व कप्तान रिकी पोंटिग ने सोमवार को अपने 17 साल के शानदार और अविश्वसनीय क्रिकेट करियर पर विराम लगाते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पर्थ में अपना अंतिम टेस्ट खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट इतिहास में सर डॉन ब्रैडमैन के बाद दूसरे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाने वाले और 167 टेस्टों में 13,366 रनों के साथ टेस्ट इतिहास के सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज पोंटिंग ने हाल ही में बड़े भावुक शब्दों में एक संवाददाता सम्मेलन में अपने संन्यास की घोषणा की थी।

पोंटिंग पर्थ में आज जब अपने करियर का अंतिम मैच खेलने के लिए मैदान पर उतरे तो विपक्षी टीम के खिलाड़ियों ने भी उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया। इसके बाद मैदान में बैठे सभी लोगों ने पोंटिंग के लिए तालियां बजाई और उनके प्रति अपना प्यार प्रकट किया।

अपने आखिरी मैच मे महज आठ रन बनाकर आउट होने के बावजूद पोंटिंग के चेहरे पर संतोषजनक मुस्कान दिखाई दे रही थी और मैदान से जाते समय आखिरी बार उन्होंने अपना बल्ला उठाकर स्टेडियम में बैठे लोगों के प्रति अपना आभार प्रकट किया।

17 साल के अपने शानदार करियर में ऑस्ट्रेलिया को 2003 और 2007 में वनडे विश्व चैंपियन बनाने वाले पोंटिंग ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा था कि पर्थ उनका आखिरी टेस्ट होगा। उन्होंने कहा था कि इस फैसले पर उन्होंने लंबे समय तक विचार मंथन किया और सीरीज में अब तक के अपने प्रदर्शन को देखते हुए ही इस पर मुहर लगाई।

दुनिया के धुरंधर बल्लेबाजों में शुमार और सफलतम कप्तानों में से एक पोंटिंग लगातार अपने खराब प्रदर्शन के कारण आलोचकों के निशाने पर आ गए थे। पोंटिंग ने इस सीरीज में अपनी पारियों में शून्य, चार, 16 और आठ के स्कोर बनाए। लंबे समय से ऑउट ऑफ फॉर्म रहने के कारण उन पर संन्यास का फैसला लेने के दबाव बढ़ता जा रहा था।

पिछले साल फरवरी में वनडे क्रिकेट को अलविदा कहने वाले पोंटिंग यह पहले ही कह चुके हैं कि उनका यह फैसला चयनकर्ताओं से प्रभावित नहीं है। उन्होंने कहा था कि मैंने महसूस कर लिया था कि मैं अब उस स्थिति में नहीं हूं कि मैं अगले वर्ष आखिरी बार एशेज सीरीज में खेलने उतर सकूं।

पोंटिंग ने यह भी कहा था कि वह पर्थ टेस्ट के समाप्त होने के बाद अपने करियर का अवलोकन करेंगे। इस टेस्ट में उतरने के साथ ही पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीव वॉ के सर्वाधिक 168 टेस्ट खेलने के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली।

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