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गर्मियों में भी बनी रहेगी त्वचा में चमक

गर्मियों में भी बनी रहेगी त्वचा में चमक

गर्मियों में त्वचा की देख-रेख करना मुश्किल भरा सबब होता है। गर्मियां आते ही आप इस बात को लेकर परेशाान हो जाते हैं कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से आपकी त्वचा झुलस जाएगी। आप अपनी इस समस्या से सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करके निजात पा सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है सही सनस्क्रीन लोशन के चयन और लगाने के तरीके की जानकारी। अपने लिए बेहतरीन सनस्क्रीन लोशन का चयन करते समय आप किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह ले सकते हैं।
तीरथराम शाह हॉस्पिटल की डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. सुनीता रानी के अनुसार, यह सच है कि सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करके आप लगातार तपती गर्मी में भी अपनी त्वचा को टैनिंग से बचा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपकी त्वचा को तरोताजा बनाये रखने के लिए कौन सा और कितने एसपीएफ की सनस्क्रीन उपयुक्त है, इसकी जानकारी होना भी जरूरी है। आपकी त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से ही होता है। इसकी वजह से त्वचा झुलस जाती है और धूप में पड़ने वाले शरीर के खुले हिस्सों पर टैनिंग हो जाती है। इससे बचने के लिए आप जब भी घर से बाहर जाएं तो घर से निकलने से 10 मिनट पहले अपने शरीर के खुले हिस्सों पर अच्छी तरह से 30 एसपीएफ युक्त अच्छे किस्म का सनस्क्रीन लोशन लगाएं।

सनस्क्रीन का चयन
चेहरे पर सनस्क्रीन लगाते समय यह सुनिश्चित करें कि आपके लिए कितने एसपीएफ वाली सनस्क्रीन उपयुक्त होगी। आमतौर पर विज्ञापनों में दिखाया जाता है कि 30 एसपीए वाली क्रीम लगाने से सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचा जा सकता है। पर सच्चाई यह है कि 30 एसपीएफ वाली क्रीम 97 प्रतिशत तक बचाव करती है, जबकि 15 एसपीएफ युक्त क्रीम से 93 प्रतिशत तक बचाव होता है और 50 एसपीएफ वाली क्रीम से 98 प्रतिशत तक सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाव होता है। आप अपने लिए उपयोगिता के हिसाब से एसपीएफ का चयन करें। अगर आपको ज्यादा देर तक धूप में नहीं रहना, तो अपने लिए कम एसपीएफ वाली क्रीम का ही चयन करें।

इस्तेमाल से पूर्व पढ़ें
आप अपने लिए जिस भी कम्पनी की सनस्क्रीन का चयन करें, उसके इस्तेमाल से पहले उस पर लिखी हुई जानकारी को पढ़ना बेहद जरूरी है। सभी उत्पाद पर उसके इस्तेमाल से संबंधित जरूरी जानकारी दी गयी होती है। उस जानकारी को पढ़कर आपको पता चलेगा कि सनस्क्रीन धूप में जाने से कितनी देर पहले लगानी है या फिर वह कितनी देर तक प्रभावी रहेगी।

सांवली त्वचा को भी चाहिए सनस्क्रीन
आमतौर पर लोगों में यह धारणा है कि सूरज की तेज किरणों से सिर्फ फेयर स्किन टोन वालों को ही नुकसान होता है, इसलिए उन्हें ही सनस्क्रीन लोशन लगाना चाहिए। लेकिन एफडीए द्वारा 2011 में किये गये सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों से बचने के लिए सांवली त्वचा को भी एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लोशन लगाने की जरूरत होती है। सनस्क्रीन के इस्तेमाल से न केवल सनबर्न की समस्या से छुटकारा मिलता है, बल्कि एजिंग जैसी समस्याओं के होने का खतरा भी कम होता है।

कारगर नहीं कम एसपीएफ वाली सनस्क्रीन
कम एसपीएफ वाली सनस्क्रीन सिर्फ सामान्य बॉडी लोशन की तरह होती है, जिसका इस्तेमाल आप सिर्फ सौंदर्य उत्पाद के तौर पर कर सकते हैं। यह तेज धूप में कारगर नहीं होती। इसके इस्तेमाल से न तो आप टैनिंग और सनबर्न की समस्या से निजात पा सकते हैं, न ही इसका प्रयोग करके आप एजिंग की समस्या और त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपने लिए डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाये गये सन्स्क्रीन लोशन का ही जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें।

वॉटरप्रूफ नहीं होती सनस्क्रीन
अगर आप यह सोच रहे हैं कि जिस तरह से वॉटरप्रूफ मेकअप होता है, सनस्क्रीन भी उसी तरह होती है, तो यह सच नहीं है। अभी तक किसी भी कंपनी ने ऐसी सनस्क्रीन का निर्माण नहीं किया है, जो वॉटरप्रूफ हो। अगर आपने चेहरे और शरीर के खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन लगायी है तो यह तभी तक प्रभावी होगी, जब तक आपको पसीना न आ रहा हो। पसीना आते ही सनस्क्रीन लोशन का प्रभाव कम हो जाएगा। त्वचा को टैनिंग और धूप से बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि जब भी आपको धूप में कहीं बाहर जाना हो तो जाने से 10 मिनट पहले सनस्क्रीन लगाएं, जिससे वह आपकी त्वचा में समा जाए। जरूरत के अनुसार सनस्क्रीन का दुबारा इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि आपकी त्वचा सुरक्षित रहे।

कैसी हो सनस्क्रीन
बाजार में मिलने वाली सभी सनस्क्रीन एक सी नहीं होतीं। यह कतई जरूरी नहीं है कि आपके दोस्त के स्किन टोन पर जो सनस्क्रीन अच्छी तरह काम कर रही है, वह आपके लिए भी उतनी ही फायदेमंद हो। अगर आपकी त्वचा पिगमेंटेड है या उसमें अन्य कोई समस्या है तो त्वचा रोग विशेषज्ञ द्वारा बताई गई सनस्क्रीन का ही इस्तेमाल आपके लिए बेहतर रहेगा।

इन बातों का रखें खास ध्यान
0 अगर आपको धूप में ज्यादा देर तक रहना हो तो त्वचा को टैनिंग से बचाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप हर दो घंटे बाद दुबारा सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल करें।
0 सनस्क्रीन का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा को अच्छी तरह से साफ कर लें, ताकि सनस्क्रीन लोशन आपकी त्वचा में अच्छी तरह समा सके।
0 अगर आपकी त्वचा धूप से झुलस गयी है तो उसे ठीक करने के लिए प्रभावित हिस्से पर कटा हुआ खीरा रगड़ें या उस पर मुल्तानी मिट्टी का पैक लगाएं। झुलसे हुए हिस्से को ठीक करने के लिए कपड़े में आइस क्यूब लपेटकर प्रभावित हिस्से पर हल्के हाथों से रगड़ें।
0 एसपीएफ के गोलमाल में न पड़ें। डॉक्टर की सलाह पर ही अपने लिए सनस्क्रीन लोशन का चयन करें।
0 बच्चों को सनस्क्रीन लोशन न लगाएं।
0 सनस्क्रीन लोशन लगाते समय इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि इसे आपको अपने शरीर के खुले हिस्से पर एकसार लगाना है, जिससे आपकी त्वचा को धूप से पूरी सुरक्षा मिल सके। कहीं कम और कहीं ज्यादा सनस्क्रीन लगाने से प्रभावी हिस्से पर सनबर्न और टैनिंग की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से आपकी त्वचा धब्बों वाली भी बन सकती है।
0 अपनी त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए खूब सारा पानी पिएं। 

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  • Web Title:benefits of sunscreen in summer