class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पिलखना में बैंक पर पत्थर फेंके, कई स्थानों पर जाम

नोटबंदी के बाद नकदी संकट से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण अंचल में गुरुवार को गुस्साए लोगों ने कई स्थानों पर जाम लगाकर हंगामा किया। वहीं पिलखना में गुस्साई महिलाओँ ने बैंक परिसर में पथराव कर दिया। पुलिस ने सभी स्थानों पर समझा बुझाकर हालात को काबू में किया। कस्बा पिलखना में गुरुवार को ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में रुपये नहीं मिलने पर महिलाओं का गुस्सा भड़क गया। गुस्साई महिलाओँ ने बैंक परिसर में ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिया। पथराव की सूचना पर मौके पर पहुंचे उपनिरीक्षक रणजीत सिंह ने महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया। महिलाओं का कहना था कि घर के सभी कामों को छोड़कर बैंक में लाइन में लगती हैं लेकिनउन्हें पैसे देने के नाम पर टरका दिया जाता है। बच्चे घरों में भूख प्यास से तड़प रहे हैं। इलाज को भी पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने बैंक कर्मियों पर भी आरोप लगाए।नरौना में मांग रहे थे 24 हजारअतरौली की नरौना स्थित ग्रामीण बैंक में गुरुवार को सुबह बैंक कर्मियों द्वारा प्रति उपभोक्ता दो हजार रुपये दिए जाने पर लोग भड़क गए। उन्होंने बैंक के सामने प्रदर्शन करते हुए रोड जाम कर दिया। कोतवाली पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम को समाप्त कराया।

कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण उपभोक्ता अपने खाते से 24 हजार की धनराशि निकालने की मांग कर रहे थे। मगर बैंक द्वारा दो हजार का भुगतान किया जा रहा था। बैंक प्रबंधक से वार्ता करने के बाद समस्या का समाधान कर दिया गया है। दादों में नकदी खत्म होने पर भड़के ग्रामीण बैंक आर्यावर्त दादों में कैश खत्म होने पर लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने बैंक के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। आवागमन ठप हो गया। सहायक प्रबंधक अजीत सिंह ने लाइन में लगे उपभोक्ताओं को दो हजार रुपये प्रति खातेदार बंटवाए। उस समय बैंक में 1,40 लाख हजार रूपए थे। इससे कुछ ही खातेदारों को पैसा मिल पाया। पैसा नहीं मिले तो लाइन में लगे ग्रामीण उपभोक्ता भड़क गए। उन्होंने बैंक के सामने रोड जाम करके हंगामा खड़ा कर दिया। एसओ दादों संजय पांडे ने मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत किया। बैंक के सहायक शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनकी ओर से पांच लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने की डिमांड अधिकारियों को भेज दी गयी है।

गोंडा में भी लगाया जाम-हंगामा

कस्बा गोंडा की स्टेट बैंक, केनरा बैंक व ग्रामीण ऑफ आर्यावर्त में चार दिन से लोगों को नगदी नहीं मिलने पर गुरुवार को लोगों का गुस्सा भड़क गया। गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। बाद मे एसओ सुभाषचंद्र यादव ने समझा बु झाकर लोगों को शांत किया। केनरा बैंक प्रबधंक डीपी पांडेय व ग्रामीण बैंक के प्रबंधक ने बताया कि तीन दिन से कैश नहीं मिला है, जिसके कारण परेशानी है। स्टेट बैंक के प्रबधंक मुकुल वाष्र्णेय ने बताया कि कैश आ गया है लोगों को बैंक से दिलाने के साथ एटीएम में भी पैसा डाला गया है। वहं मुरवार नुनेरा आदि की ग्रामीण बैंकों में बुरा हाल है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:the stones threw at the bank in pilakhana