Image Loading Banks can not find ten percent cash demand - LiveHindustan.com
बुधवार, 07 दिसम्बर, 2016 | 14:05 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • संसद न चलने से आडवाणी दुखी, बोले- न सरकार, न विपक्ष चलाना चाहता है सदन (टीवी...
  • अगले तीन दिनों में दिल्ली की हवा होगी और प्रदूषित, हिन्दुस्तान का आज का ई-पेपर...
  • सुप्रीम कोर्ट राकेश अस्थाना की सीबीआई के अंतरिम निदेशक के रूप में नियुक्ति को...
  • नोटबंदी पर संसद में हंगामा, गुलाम नबी आजाद ने पूछा- 84 लोगों की मौत का जिम्मेदार...
  • श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से दूरसंवेदी उपग्रह रिसोर्ससैट-2ए का...
  • 'अम्मा' के निधन पर कमल हासन के विवादित TWEET पर लोगों ने निकाला गुस्सा, बॉलीवुड की टॉप...
  • हिन्दुस्तान टाइम्स के प्रधान संपादक बॉबी घोष का ब्लॉग 'आम लोगों की राय का मिथक'...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली, पटना, लखनऊ में धुंध रहेगी, रांची और देहरादून हल्की धूप निकलने...
  • मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार की तबीयत खराब, मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती
  • हेल्थ टिप्स: रोज दही खाने से पेट रहता सही, बालों और स्किन को भी होते हैं ये फायदे
  • कोहरे की मार: 81 ट्रेनें लेट, 21 ट्रेनों के समय में बदलाव और तीन ट्रेनें रद्द।
  • भविष्यफल: मीन राशिवालों की कुछ पुराने दोस्तों से हो सकती है मुलाकात। अन्य...
  • GOOD MORNING:राजकीय सम्मान के साथ जयललिता के पार्थिव शरीर को दफनाया गया। अन्य बड़ी...

फैक्ट्री व आवास में जांच के लिए पहुंची टीम

किशनगंज | संवाददाता First Published:01-12-2016 10:47:58 PMLast Updated:01-12-2016 11:00:10 PM

नोटबंदी के बाद बैंकों की हालत खराब है। जिस तरह अचानक नोटबंदी हुई। उस अनुपात में बैंकों को छोटे नोट उपलब्ध नहीं कराए गए। मौजूदा हालात में बैंकों को जनता की मांग के अनुसार औसतन 10 प्रतिशत भी कैश नहीं दिया गया है। यही कारण है कि लोग बैंकों पर हंगामा कर रहे हैं।

बैंकों के मौजूदा हालात को देखकर कहा जा सकता है कि आरबीआई ने नोटबंदी से पहले इसकी तैयारी नहीं की थी। करेंसी को लेकर हो रही मारामारी का मुख्य कारण वैद्य करेंसी का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होना है। सरकार द्वारा जो नए नियम बनाए गए हैं उसके पालन करते हुए आज शहर के बैंक को हर रोज औसतन 50 लाख रुपये की वैद्य करेंसी की आवश्यकता है। जिस हिसाब से बैंकों में भीड़ उमड़ रही है, उस हिसाब से देहातों की भी हर बैंक को शुरुआती दौर में कम से कम दस लाख रुपये रोजाना की खपत चाहिए। बैंक प्रबंधकों की मानें तो उन्हें अब तक औसतन दस प्रतिशत भी करेंसी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जब तक एक बार बड़ी मात्रा में कैश नहीं आएगा तब तक करेंसी की किल्लत से जूझ पाना बेहद मुश्किल है।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title: Banks can not find ten percent cash demand
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Rupees
क्रिकेट स्कोरबोर्ड