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दो कोर्सों को ही थी मान्यता पर पढ़ाई करा रहे थे छह में

पटना। कार्यालय संवाददाता First Published:23-09-2016 09:49:00 PMLast Updated:23-09-2016 11:56:12 PM

अनिल सुलभ के संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर के फर्जीवाड़े की परत-दर-परत खुल रही है। अब जांच में पता चला है कि मगध विश्वविद्यालय से संस्थान के दो कोर्सों को ही मान्यता थी, लेकिन पढ़ाई छह कोर्सों की हो रही थी।

दरअसल, मगध विश्वविद्यालय की ओर से संस्थान को बैचलर इन फिजियोथेरेपी और बैचलर इन पैथोलॉजी की मान्यता दी गई थी। बावजूद नियम को ताक पर रखकर संस्थान ने चार अन्य कोर्सों में भी छात्रों का दाखिला ले लिया था। छात्रों मोटी रकम वसूली गई। निर्धारित फीस से अधिक छात्रों से पैसा लिया गया। छात्रों ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के नाम पर भी पैसा लिया गया। रजिस्ट्रेशन फॉर्म भराकर विश्वविद्यालय में नहीं भेजा गया। संस्थान में ही रखा गया। जब तक छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, वे किसी विश्वविद्यालय के छात्र हो नहीं सकते हैं। छात्रों के दो से तीन साल तक बर्बाद हो गए। छात्र गोविंद कुमार कहना है कि समय तो वापस नहीं आएगा कम से कम हमलोगों का पैसा वापस हो जाए। विश्वविद्यालय भी कम से कम ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई करें ताकि छात्रों का कैरियर बर्बाद नहीं हो।

फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों पर होगी कार्रवाई

पुलिस ने अभी तक विश्वविद्यालय को सूचित नहीं किया है कि किस तरह का फर्जीवाड़ा संस्थान की ओर से किया गया है। मगध विवि के लीगल पदाधिकारी डॉ. श्यामल किशोर ने कहा कि विवि से सिर्फ दो कोर्स की मान्यता है। विवि की कोई गलती नहीं है। छात्रों को दाखिले से पूर्व पहले हर तरह की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए, ताकि ऐसी नौबत न आए। आगे आने वाले दिनों में विवि ऐसे संस्थानों पर संख्त कार्रवाई करेगी।

बेटे व बहू की तलाश जारी

नामजद बनाए गए पांच लोगों में अब भी दो फरार हैं। अनिल सुलभ के बेटे आकाश सुलभ व बहू मेनका झा अब तक पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। दोनों को दबोचने के लिए पुलिस कंकड़बाग की पीसी कॉलोनी स्थित घर पर छापेमारी की लेकिन दोनों नहीं मिले। बुधवार को छात्र गोविंद कुमार के बयान पर बेउर थाने में अनिल सुलभ, पत्नी किरण झा, बेटे आभाष, आकाश व बहू मेनका झा के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई

बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री आचार्य श्रीरंजन सूरिदेव ने कहा है कि सम्मेलन के अध्यक्ष अनिल सुलभ को जेल भेज कर पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। शुक्रवार को वरीय उपाध्यक्ष नृपेंद्रनाथ गुप्त की अध्यक्षता में कार्यसमिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए अनिल सुलभ को समाजसेवी बताया गया।

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