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प्रदूषण पर काबू पाने को सुविधा देकर करवाएं कानून का पालन : मुख्य सचिव

पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरो First Published:23-09-2016 06:23:00 PMLast Updated:23-09-2016 10:20:25 PM

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि घरों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण करने के लिए लोगों को सुविधा देनी होगी। घर हो या बाजार, डस्टबिन लगाएं। शौचालय की सुविधा दें। सुविधाएं देने पर हम लोगों से कानून का पालन करने का दबाव बनाएं, तो पर्यावरण प्रदूषण पर काबू पाया जा सकता है।

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से शुक्रवार को अरण्य भवन में आयोजित कार्यशाला में मुख्य सचिव ने कहा कि नगर निकायों में प्रतियोगिता हो। बेहतर साफ-सफाई रखने वाले निकायों को पुरस्कार दिया जाए। ऐसा होता है मानकर कोई काम न छोड़ें। दुनिया के विकसित देशों ने वर्षों अभियान चलाया, तभी आज वहां प्रदूषण कम है। केवल सरकार या नगर निकाय के प्रयास से प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं हो सकता। बिहार का पानी साफ है, लेकिन बाजार के दबाव में लोग पानी पीने पर पैसे खर्च कर रहे हैं। अगर प्रदूषण की समस्या बढ़ी तो ऑक्सीजन पार्लर में जाकर शुद्ध हवा खानी होगी।

थानेदारों को भी दिए जा रहे अधिकार : पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि कोई दुकानदार अगर तय मानकों का भी पॉलीथिन उपयोग करता हो तो उसे संबंधित निकायों में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। मासिक चार हजार यानी सालाना 48 हजार देने होंगे। बड़े शॉपिंग मॉल को यह राशि एक लाख तक देनी होगी। निकाय अगर इस कानून का सही पालन कर दे तो पॉलीथिन पर रोक अपने आप लग जाएगी। बिना मुहर लगे पॉलीथिन का उपयोग हो तो सीधी कार्रवाई हो। पर्यावरण कानून का सही पालन के लिए अंचलाधिकारी व थाना प्रभारी को भी अधिकार दिए जा रहे हैं।

नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि शहर से गांवों की ओर कूड़ा फेंकने पर आपत्ति होती है। कचरा के निस्तारण के लिए स्थानीय स्तर पर काम करना होगा। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक डीके शुक्ला ने दूध के पॉलीथिन लौटाने वालों को 50 पैसे लौटाने के प्रस्ताव पर जल्द काम करने पर बल दिया। धन्यवाद ज्ञापन पर्षद के सदस्य सचिव एस चंद्रशेखर ने किया।

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Web Title: Get allowing you to follow the law : Chief Secretary
 
 
 
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