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भूपति-बोपन्ना पर प्रतिबंध के फैसले पर लगी रोक
बेंगलूरु, एजेंसी
First Published:22-09-12 04:04 PM
कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्टार टेनिस खिलाडी महेश भूपति और रोहन बोपन्ना पर अनुशासनहीनता के आधार पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगाने के अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के फैसले पर शनिवार को रोक लगा दी।
भूपति और बोपन्ना ने लंदन ओलंपिक में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर युगल स्पर्धा में खेलने से मना कर दिया था। यह दोनों खुद आपस में जोड़ी बनाकर लंदन ओलंपिक में उतरे थे। एआईटीए ने हाल ही में इन दोनों खिलाड़ियों के दो वर्ष तक देश के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
भूपति और बोपन्ना ने एआईटीए के इस फैसला का कडा विरोध करते हुए उसे गलत ठहराया और इस बारे में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दोनों खिलाड़ियों के वकील आदित्य सोढी ने प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी जिसे न्यायमूर्ति मोहन शांतनागौदर ने स्वीकार कर लिया।
भूपति और बोपन्ना ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से मना कर दिया था और एआईटीए से इजाजत मांगी थी कि उन्हें आपस में जोड़ी बनाकर खेलने दिया जाए। उनका कहना था कि वे पिछले काफी समय से साथ अभ्यास कर रहे हैं लेकिन एआईटीए प्रोफेशनल खिलाड़ियों पर अपनी इच्छा थोप रहा है।
हालांकि एआईटीए ने आखिरी क्षणों में भूपति और बोपन्ना को ओलंपिक में जोडीदार बनने की इजाजत दे दी थी लेकिन बाद में कहा कि वह खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी और दोनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इन दोनों खिलाड़ियों को इससे पहले डेविस कप टीम से भी बाहर कर दिया गया था।
भूपति और बोपन्ना ने लंदन ओलंपिक में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर युगल स्पर्धा में खेलने से मना कर दिया था। यह दोनों खुद आपस में जोड़ी बनाकर लंदन ओलंपिक में उतरे थे। एआईटीए ने हाल ही में इन दोनों खिलाड़ियों के दो वर्ष तक देश के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
भूपति और बोपन्ना ने एआईटीए के इस फैसला का कडा विरोध करते हुए उसे गलत ठहराया और इस बारे में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दोनों खिलाड़ियों के वकील आदित्य सोढी ने प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी जिसे न्यायमूर्ति मोहन शांतनागौदर ने स्वीकार कर लिया।
भूपति और बोपन्ना ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से मना कर दिया था और एआईटीए से इजाजत मांगी थी कि उन्हें आपस में जोड़ी बनाकर खेलने दिया जाए। उनका कहना था कि वे पिछले काफी समय से साथ अभ्यास कर रहे हैं लेकिन एआईटीए प्रोफेशनल खिलाड़ियों पर अपनी इच्छा थोप रहा है।
हालांकि एआईटीए ने आखिरी क्षणों में भूपति और बोपन्ना को ओलंपिक में जोडीदार बनने की इजाजत दे दी थी लेकिन बाद में कहा कि वह खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी और दोनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इन दोनों खिलाड़ियों को इससे पहले डेविस कप टीम से भी बाहर कर दिया गया था।
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