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खेल मंत्रालय ने एएफआई को नोटिस भेजा
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:10-12-12 09:29 PMLast Updated:10-12-12 09:50 PM
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खेल मंत्रालय ने दो महासंघों की मान्यता रद्द करने के तीन दिन बाद भारतीय एथलेटिक महासंघ (एएफआई) को अपने संविधान से कुछ विवादास्पद अनुच्छेद हटाने और अध्यक्ष तथा सचिव पद के लिए दोबारा चुनाव कराने के लिए नोटिस जारी किया।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को निलंबित करने के बाद राष्ट्रीय खेल महासंघों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए खेल मंत्रालय ने एएफआई को पत्र लिखकर उसका ध्यान उसके अनुच्छेदों पर दिलाया और साथ ही इनमें सुधार नहीं होने की स्थिति में कार्रवाई करने की चेतावनी दी।

इससे ऐसी अटकलें भी शुरू हो गयी हैं कि भारतीय अमेच्योर मुक्केबाजी महासंघ (आईएबीएफ) और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के बाद एएफआई की मान्यता रद्द हो सकती है। खेल सचिव प्रदीप देब ने कहा कि मंत्रलय ने एएफआई को कुछ प्रतिबंधित अनुच्छेदों को हटाने और साथ ही केवल अध्यक्ष और सचिव पद के लिये दोबारा चुनाव कराने की सलाह दी। देब ने कहा कि अभी तक मान्यता रद्द नहीं की गई है।

देब ने कहा कि एएफआई के संविधान में एक अनुच्छेद है जिसमें अध्यक्ष और सचिव के पद के लिए टकराव है। इसलिए हमने एएफआई को इस प्रतिबंधित अनुच्छेद को हटाने और केवल इन दो पदों के लिए चुनाव कराने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि खेल मंत्रालय महासंघों को निलंबित करने की होड़ में है।

देब ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि हमने आईएबीएफ और एएआई की मान्यता रद्द कर दी है, यह सोचना ठीक नहीं है कि हम महासंघों को निलंबित करने लिये ही यहां हैं। हमने केवल कुछ सिफारिशें की हैं। खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी यह कहा कि अभी तक एएफआई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है। सिंह ने कहा कि अभी तक एएफआई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा है। हम सभी महासंघों को देख रहे हैं, जो खेल संहिता का पालन नहीं कर रही हैं। यह प्रक्रिया चल रही है। जो इस खेल संहिता का पालन नहीं कर, उन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

 
 
 
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