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दागी अधिकारियों को चुनने के कारण निलंबित हुआ भारत
पेरिस, एजेंसी First Published:04-12-12 11:22 PMLast Updated:05-12-12 01:42 AM
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भारत को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से इसलिए निलंबित किया गया है क्योंकि उसने दागी अधिकारियों को चुना। आईओसी से जुड़े सूत्र ने एएफपी को इसकी पुष्टि की। सूत्र से जब पूछा गया कि क्या आईओसी की कार्यकारी समिति के सदस्यों ने ओलंपिक चार्टर के उल्लंघन के लिए भारत को निलंबित कर दिया है तो उसने एसएमएस भेजकर कहा कि यह आधिकारिक हो चुका है।

इस बारे में हालांकि तुरंत कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है और आईओसी के स्विट्जरलैंड के लुसाने में अपने मुख्यालय में आज इस संबंध में औपचारिक घोषणा करने की उम्मीद है। यह निलंबन उस समय हुआ है जब भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और आईओसी में बुधवार को होने वाले शीर्ष पदों के चुनावों में अपनाई जाने वाली चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद चल रहा था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईओए को निर्देश दिया था कि वह अपने चुनावों में सरकार की खेल संहिता का पालन करे लेकिन आईओसी चाहता था कि इन्हें ओलंपिक चार्टर के मुताबिक कराया जाए तो स्वायत्तता को तरजीह देते हैं।
 
नई दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों में ललित भनोट 11 महीने हिरासत में रहने के बाद जमानत पर छूटे हैं और उन्हें आईओए का निर्विरोध भावी महासचिव चुना गया है। आईओए के नए अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला बनेंगे। वह भी निर्विरोध चुने गए हैं। चौटाला ने नई दिल्ली में कहा कि मैंने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं सुना है लेकिन मुझे बताया गया है कि भारत को आईओसी ने निलंबित कर दिया है। अगर यह सच है तो यह गलत और एकतरफा फैसला है। उन्होंने कहा कि हम कल बैठक करेंगे और अपनी भविष्य की कार्रवाई पर फैसला करेंगे।

चौटाला को आईओए के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का करीबी माना जाता है जिन्हें भी भ्रष्टाचार के आरोपों में जमानत मिली है। आईओए के नैतिक आयोग ने अक्तूबर में भारत को भनोट या कलमाड़ी को आईओए चुनाव में किसी भी पद के लिए उतारने के प्रति चेताया था।

 
 
 
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