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भनोट के चयन से पैदा हुआ नया विवाद
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:30-11-12 10:26 PM

राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे ललित भनोट के भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव पद पर निर्विरोध निर्वाचित होने से शुक्रवार को ताजा विवाद पैदा हो गया। लेकिन आईओए ने साफ किया कि उन्हें अभी तक अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है।

राष्ट्रमंडल खेलों के भ्रष्टाचार के आरोपों में भनोट ने लगभग एक साल जेल में बिताया। सेवानिवृत न्यायाधीश अनिल देव सिंह की अगुवाई में तीन सदस्यीय आईओए चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की जो अंतिम सूची तैयार की है, उसके अनुसार चौटाला अध्यक्ष पद, भनोट महासचिव, वीरेंद्र नानावटी वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एन रामचंद्रन कोषाध्यक्ष पद के लिये निर्विरोध चुने गये हैं।

चौटाला ने आज भनोट के निर्वाचन का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस देश का कानून जब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराता तब तक आप उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोक सकते। मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, जयललिता, ओम प्रकाश चौटाला, प्रकाश सिंह बादल सभी के खिलाफ मुकदमें दर्ज हैं, जबकि इनमें से कुछ अपने राज्यों के मुख्यमंत्री है। मुलायम और मायावती के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं लेकिन उनके सहारे देश की सरकार टिकी हुई है।

उन्होंने कहा कि भनोट के मामले में मैं एक बात साफ कर दूं कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आईओए को सीधे तौर पर कोई पत्र नहीं लिखा है। जगदीश टाइटलर ने आईओसी से पूछा था कि क्या भनोट चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं। आईओसी ने टाइटलर को जवाब दिया है हमें नहीं।

 
 
 
 
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