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स्ट्रेचर न मिलने से बहू को कंधे पर ले जाने के मामले में यूपी सरकार को नोटिस

मिर्जापुर। निज संवाददाता First Published:23-09-2016 01:35:00 PMLast Updated:23-09-2016 01:36:11 PM

जिला महिला अस्पताल में पखवारा भर पहले जच्चा बच्चा की हुई मौत मामले को गंभीरता से लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से गुरुवार को प्रदेश सरकार को भेजी गई नोटिस से जिले में खलबली मची है। आयोग की ओर से सरकार से एक महीने के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। प्रदेश सरकार की ओर से डीमए सहित स्वास्थ्य विभाग के अफसरों नोटिस के बाबत जवाब तैयार करके भेजने का निर्देश दिया है। इससे अफसर भी मामले को लेकर परेशान दिख रहे हैं।

बीते चार सितंबर को लालगंज थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव निवासी प्रसूता अंशु पांडेय को वार्ड में ले जाने के लिए स्ट्रेचर न मिलने पर उसका ससुर उसे कंधे पर लेकर भटकता रहा। लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गयी। फौरी तौर पर सीएमओ डा. अशोक चौरसिया ने एनएनम शैल कुमारी को निलंबित कर दिया। शासन ने डा. शशि मिश्रा को भी हटा दिया। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम कंचन वर्मा ने सीएमओ को तीन सदस्यी टीम बनाकर मजिस्ट्रेटी जांच का निर्देश दिया। इसमें नगर मजिस्ट्रेट, एएसीएमओ डा. आरएस राम व डा. अल्का सिंह को शामिल किया गया। 17 सितंबर से टीम को जांच करना था। इसी बीच तात्कालीन नगर मजिस्ट्रेट रत्नप्रिया के स्थानांतरण हो गया। इसलिए अभी तक प्रकरण की जांच ही शुरू नहीं हो सकी है। एसीएमओ डा. आरएस राम ने कहा कि दो-तीन दिन में जांच शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करके मुख्य सचिव से चार सप्ताह के भीतर रिर्पोट मांगा है। जल्द ही कोशिश रहेगी कि जांच रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेज दी जाए। जिससे मुख्य सचिव की ओर से आयोग तक रिपोर्ट पहंुचायी जा सके।

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Web Title: Denied stretcher carrying daughter on shoulders in case the government otice to UP
 
 
 
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