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UP: पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की याचिका निस्तारित, 30 दिन में हाजिर होने का निर्देश

इलाहाबाद। विधि संवाददाता First Published:23-09-2016 04:14:00 PMLast Updated:23-09-2016 04:53:19 PM

तीस दिन के भीतर हाजिर होने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे डॉ. राकेशधर त्रिपाठी की उस याचिका को शुक्रवार को निस्तारित कर दिया, जिसके तहत आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित किए जाने के मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय ने उन्हें तीस दिन के भीतर हाजिर होने का निर्देश दिया है। तब तक उनके विरुद्ध उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक भी लगा दी है।

यह आदेश जस्टिस तरुण अग्रवाल व जस्टिस विपिन सिन्हा की खंडपीठ ने डॉ. राकेशधर त्रिपाठी की याचिका पर अधिवक्ता दिलीप कुमार व चंदन शर्मा तथा राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता इमरान उल्लाह व एजीए विकास सहाय को सुनकर दिया।

प्रश्नगत मामले में पूर्व मंत्री के खिलाफ दाखिल धारा 13 (1) (ई) व धारा 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सतर्कता विभाग की ओर से दाखिल आरोप तथा निचली अदालत से जारी 12 अप्रैल 2016 के सम्मन आदेश को निरस्त करने की मांग की गई थी।

याची के अधिवक्ता का तर्क था कि सतर्कता विभाग द्वारा अर्जित आय का आकलन व सम्पत्ति की विवेचना सही तरीके से नहीं की गई है। नियमों के विपरीत विना राज्य सरकार की मंजूरी विवेचक ने आरोप पत्र सम्बंधित अदालत में दाखिल कर दिया है, जो कानूनन सही नहीं है।

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Web Title: Dismissed the petition of former minister
 
 
 
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