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आरुषि-हेमराज हत्याकांड: पहले ही दिन से हो गया था केस का कत्ल

तलवार दंपति

आरुषि-हेमराज मर्डर केस में पहले दिन से ही पुलिस ने लापरवाही बरती और कदम-कदम पर चूक की। इसके बाद जब सीबीआई ने जांच शुरू की तो उनकी जांच की दिशाएं भी बदलती रहीं। यही कारण है कि नौ साल के बाद भी आरुषि-हेमराज के कातिलों का सही पता नहीं चला।

आरुषि की हत्या के बाद नोएडा पुलिस ने जांच शुरू की और डॉ. राजेश तलवार को आरोपी बताकर 23 मई 2008 को गिरफ्तार कर लिया था। 27 मई को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की सिफारिश की और एक जून 2008 से सीबीआई ने जांच शुरू की। 

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सीबीआई ने नोएडा पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। सीबीआई ने तलवार को छोड़ उसके नौकरों को शक के दायरे में लिया। सीबीआई के तत्कालीन संयुक्त निदेशक अरुण कुमार की टीम ने तीन नौकरों- कृष्णा, राजकुमार व विजय मंडल को आरोपी बताकर गिरफ्तार कर लिया। 

इसके बाद सीबीआई की दूसरी टीम सितंबर 2009 में संयुक्त निदेशक एजीएल कौर के नेतृत्व में आई। सीबीआई की इस टीम ने नोएडा पुलिस की जांच को सही बताकर तलवार दंपति को ही गिरफ्तार किया। इसके बाद 26 नवंबर 2013 को गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट ने तलवार दंपति को दोषी माना। सीबीआई की नई टीम नोएडा पुलिस की जांच पर ही केंद्रित रही। इसका परिणाम हुआ कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपति को बरी कर दिया। 

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कदम-कदम पर चूक
-पुलिस हत्या की सूचना के बाद घर पहुंची और छानबीन शुरू की। आरुषि के कमरे में आने से रिश्तेदारों को नहीं रोका।
-घटनास्थल का निरीक्षण करने आए अधिकारियों ने मात्र दस मिनट में घटनाक्रम को समझा।
-आरुषि के कमरे से पुलिस ने खून के नमूने व बेडशीट, गद्दे का टुकड़ा भी बड़ी लापरवाही से जब्त किया।
-घर के बाहर या छत की ओर जाने वाले रास्तों की गहनता से जांच नहीं की।
-छत के ऊपर हेमराज की लाश पुलिस ने नहीं देखी।
-दोबारा भी घटनास्थल का मुआयना करने पर लापरवाही बरती।
-मीडिया के पहुंचने के दो घंटे बाद पहुंचे फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट।
-खून के नमूने व कूलर में खून वाला पानी ही लिया कब्जे में।
-पहले दिन कंप्यूटर व लैपटॉप जब्त नहीं किया गया।

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सबूतों को नष्ट होने दिया
आरुषि हत्याकांड में नोएडा पुलिस ने साक्ष्य जुटाने में कदम कदम पर चूक की तो सीबीआई उन साक्ष्यों के आधार पर हत्यारे को खोज नहीं पाई। फॉरेंसिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी नष्ट होने दिया। अब तक न तो मोबाइल से कोई डिटेल मिला और न ही मौके पर पुलिस ने साक्ष्यों को बेहतर तरीके से जमा किया। 
 

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  • Web Title:aarushi hemraj murder case: What Were the Issues That Led to the HC Acquittal
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