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पांच लाख का इनामी सोनू दरियापुर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पांच लाख के इनामी कुख्यात बदमाश सोनू दरियापुर को गुरुवार सुबह नरेला इलाके में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से दो पिस्तौल, 17 जिंदा कारतूस और एक आई-20 कार बरामद किया है। पुलिस के मुताब्कि, सोनू दरियापुर पर हत्या, अपहरण, जबरन वसूली व आर्म्स एक्ट सहित दस आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि आरोपी सोनू 30 अप्रैल को मियांवली नगर इलाके हुए तिहरे हत्याकांड में भी शामिल रहा था। इसमें उसने साथियों के साथ मिलकर दरियापुर गांव के ही अपने विरोधी मोनू, उसके सुरक्षागार्ड एएसआई विजय कुमार, सिपाही कुलदीप और शास्त्री, योगेश सहित पांच लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। वारदात से एएसआई समेत तीन लोग मारे गए थे। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। डीसीपी संजीव यादव के अनुसार, आरोपी सोनू दरियापुर का असली नाम सत्यवान शेहरावत है। मगर, अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद लोग इसे सोनू दरियापुर के नाम से जानने लगे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी सोनू हिमाचल प्रदेश से दिल्ली आ रहा है। इस सूचना पर नरेला इलाके में सिंघू बॉर्डर पर गुरुवार सुबह पहले से ही पुलिसकर्मियों की तैनात कर दी गई थी। इस दौरान जैसे ही सोनू अपनी सफेद रंग की आई-20 कार से वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। अपने को घिरता देख सोनू ने पिस्तौल निकालकर पुलिस की तरफ दो गोलियां चला दी, लेकिन पुलिस ने अपना बचाव करते हुए उसे धर दबोचा। ----------------------------------------------- कौन है कुख्यात सोनू दरियापुर : सत्यवान उर्फ सोनू दिल्ली के दरियापुर का रहने वाला है। वह पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, सोनू वर्ष 2000 के आसपास ही अपराध की दुनिया में शामिल हो गया था। उसने वर्ष 2006 के अक्तूबर में अपनी रिश्ते की बहन और उससे शादी करने वाले अपने पूर्व दोस्त मोनू की कार पर गोलियां बरसाई थीं। इस वारदात कार चालक की मौत हो गई थी, जबकि बहन और उसका पति मोनू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद ही मोनू को पुलिस की तरफ से सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। हालांकि, पहले सोनू और मोनू दोनों दोस्त थे। मगर, मोनू द्वारा सोनू की बहन से शादी करने के बाद दोनों में मतभेद हो गया था। सोनू इसके बाद से ही मोनू को ठिकाने लगाने की फिराक में जुटा था। इसी दौरान सोनू ने अपने गिरोह के साथियों के साथ मिलकर 30 अप्रैल को तिहरे हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। सोनू ने इससे पहले वर्ष 2009 में मोनू के बड़े भाई को भी मौत के घाट उतारा दिया था। तिहरे हत्याकांड के बाद मोस्टवांटेड की सूची में आया : मियांवली इलाके में 30 अप्रैल को हुए तीहरे हत्याकांड के बाद से ही पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। दरअसल, इस हत्याकांड के बाद अपराध की दुनिया में उसका कद इतना बढ़ गया था कि उसे दिल्ली पुलिस ने मोस्ट वांटेड बदमाशों की सूची में शामिल कर लिया था। स्पेशल सेल ने इस सिलसिले में सोनू और उसके छह साथियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कराया था। इस हत्याकांड पुलिस अबतक छह बदमाशों को गिरफ्तार कर चुकी है। सोनू दरियापुर को मिलाकर यह सातवीं गिरफ्तारी है। एक बदमाश विजय लांबा अभी भी फरार है। कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में हो गया था कुख्यात : पुलिस की मानें तो पिछले कुछ समय से सोनू दरियापुर ‘कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में कुख्यात हो चुका था। साथ ही, उसने हफ्ता वसूली और जबरन वसूली का काम भी शुरू कर दिया है। खासतौर से बाहरी दिल्ली इलाके के फैक्टरी मालिक, बड़े कारोबारी और हरियाणा के लोग उसके निशाने पर होते थे। बहरहाल, पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों का पता लगाने में जुट गई है। ढाई महीने से 15 पुलिसकर्मी लगे थे गिरफ्तारी में : स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि पिछले ढाई महीने से 15 पुलिसकर्मियों की एक टीम आरोपी सोनू की गिरफ्तारी में लगी हुई थी। सोनू से संबंधित जानकारी और उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए उसके और उसके जानकारों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया था। पुलिस टीम सोनू की तलाश में उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के दर्जनों जगहों पर छापेमारी भी कर चुकी थी। इस दौरान यह पता चला था कि वह ज्यादातर समय हिमाचल प्रदेश में ही रहता है। वहां भी उसने चार-पांच ठिकाने बना रखे थे। एक ठिकाने पर वह एक दिन से ज्यादा समय नहीं रहता था। बीच-बीच में वह दिल्ली भी आता रहता था। ------------------------------------------------- दिल्ली टॉप-फाइव बदमाश दिल्ली के टॉप-फाइव बदमाशों की सूची में से सोनू दरियापुर की गिरफ्तारी के बाद इस सूची में फिलहाल चार बदमाश बचे हैं। इन बदमाशें का संक्षिप्त विवरण... 1-समंदर खत्री : नरेला निवासी 42 वर्षीय समंदर खत्री के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं। वर्ष 2010 में सोनिपत में हत्या के मामले में खत्री को सजा सुनाई गई थी, लेकिन वह पैरोल जंप कर गया। वहीं, वर्ष 2014 में खत्री ने एक दिल्ली पुलिस के एक सिपाही की भी हत्या कर दी थी। 2- हेमंत प्रधान : 22 वर्षीय हेमंत प्रधान पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित है। प्रधान को वर्ष 2015 में नजफगढ़ के पूर्व विधायक भरत सिंह की हत्या का मास्टरमाइंड माना जाता है। अपने पिता और चाचा की हत्या किए जाने के बाद बदला लेने की नीयत से उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। हालांकि, पुलिस को पता चला था कि उसने देहरादून में अपना ठिकाना बनाया है, लेकिन उसे अबतक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। 3-जितेंद्र गोगी : 30 वर्षीय जितेंद्र गोगी की भी पुलिस को सरगर्मी से तलाश है। बाहरी दिल्ली स्थितअलीपुर निवासी जितेंदर गोगी को राजू के नाम से भी जाना जाता है। इस पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली व आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामलों में शामिल होने का आरोप है। पिछले वर्ष जुलाई में वह उस वक्त पुलिस हिरासत में भाग गया था जब उसे अदालत में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। 4-विकास दलाल : दिल्ली के मोस्ट वांटेड बदमाशों की सूची में विकास दलाल भी शामिल है। यह हाल ही में पुलिस की राडार पर आया है। पुलिस का मानना है कि वह मनजीत महाल गिरोह का प्रमुख बदमाश है। आरोपी विकास पर हत्या, हत्या प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में शामिल होने का आरोप है। -------------------------------------------- दोहराव है सोनू दरियापुर के ये हैं तीन चर्चित मामले पहला मामला अपने गांव के ही साथी मोनू द्वारा चचेरी बहन से शादी करने पर नाराज होकर उसने वर्ष 2006 में अक्तूबर महीने में दोनों की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस दौरान कार चालक की तो मौत हो गई थी लेकिन उसकी बहन व पति मोनू बाल-बाल बच गए थे। दूसरा मामला सोनू दरियापुर का दूसरा बड़ा मामला वर्ष-2009 का है। काफी कोशिश करने के बाद भी वह जब मोनू व अपनी बहन को नही मार पाया तो उसने उसके बड़े भाई पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। तीसरा मामला मोनू को ठिकाने लगाने की फिराक में जुटा सोनू का तीसरा सबसे बड़ा मामला था इसी साल 30 अप्रैल को हुए तीसरे हत्याकांड को अंजाम देना। इसमें उसने मियांवली इलाके में मोनू, उसके सुरक्षा गार्ड सहित पांच लोगों पर ताबड़तोड़ करीब 30 राउंड गोलियां बरसाईं , जिसमें से तीन लोग मारे गए थे।

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  • Web Title:sonu dariyapur arrested in narela
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